चोर से चूत चुदवाई (Chor Se Chut Chudwai)

Discussion in 'Hindi Sex Stories' started by 007, May 8, 2016.

  1. 007

    007 Administrator Staff Member

    Joined:
    Aug 28, 2013
    Messages:
    138,786
    Likes Received:
    2,160
    //krot-group.ru दोस्तो, आज आपके लिए एक नई कहानी पेश है।
    यह एक ऐसी कथा है जो बताती है कि जब काम दिमाग में चढ़ जाता है तो फिर और कुछ नहीं सूझता।
    यह कहानी है इलाहाबाद के रहने वाली एक बहुत ही संभ्रांत घर की महिला जिसका नाम है सरोजिनी।
    अब इलाहबाद में सरोजिनी को ढूंढने मत निकाल पड़ना क्योंकि सरोजिनी की पहचान छुपाने के लिए शहर का नाम बदल दिया गया है। बाकी कहानी में आने वाले सभी पात्रों के नाम असली हैं और सभी घटनाएँ बिल्कुल सच्ची हैं।

    मैं, सरोजिनी, उम्र करीब 53 वर्ष, इलाहाबाद के एक अमीर और रसूखदार घर की मालकिन हूँ। पति के बहुत से कारोबार हैं, दोनों बेटे और मेरे पति मिल कर कारोबार संभालते हैं।
    मगर जितना बड़ा कारोबार होता है, उतनी ही परेशानियाँ भी होती हैं।
    इन्हीं परेशानियों की वजह से मेरे पति को हाई शूगर हो गई, शूगर का सबसे ज़्यादा असर उनकी आँखों, स्किन और सेक्स पावर पर हुआ। जो आदमी मुझे आधा पौना घंटा रगड़ता था वो इंसान अब इस हालत में था कि मैं जो मर्ज़ी कर लूँ मगर उसके अंग में कोई करार नहीं आता था, ज़िंदा मुर्दा एक समान था।

    अब आप सोचेंगे के एक औरत होकर मेरी भाषा ऐसे कैसी हो गई?
    तो सुनो, आज की बात नहीं है, करीब 3 साल पहले मैं अपनी किट्टी पार्टी में गई थी, वहाँ पर मेरी एक सहेली जो अपने पति की शुगर की प्रॉबलम के वजह से मेरी तरह ही काम अगन में जल रही थी, उसने मुझे बताया कि अगर ज़्यादा आग लगे तो bhauja डॉट कॉम पर सेक्सी कहानियाँ पढ़ लिया कर और अपने हाथ से ही अपनी वासना को शांत कर लिया कर!

    अब पिछले तीन साल से मैं यही कर रही हूँ। जब घर पे कोई नहीं होता तो अपने लैपटाप पे bhauja डॉट कॉम खोली, कोई अच्छी सी कहानी पढ़ी और कोई भी चीज़ जो मुझे ठीक ठाक लगी, अपने अंदर डाली और अपनी आग बुझा ली। किसी को पता भी नहीं चला, काम क्षुधा भी शांत हो गई, और बाहर मुँह मारने की भी ज़रूरत नहीं!
    और जब पति को बताया तो उन्होंने भी बुरा नहीं माना, बल्कि मुझे एक प्लास्टिक का लंड ला कर दे दिया।

    अब तो हालत यह हो गई कि पति देव मेरी चाटते, मैं उनका मरा हुआ लिंग चूसती, वो खुद उस नकली लंड को मेरी योनि में पेलते, और जब दोनों शांत हो जाते तो सो जाते।
    कभी कभी मैं अकेली भी कर लेती, कभी कभी जब मेरा दिल करता तो पति के सामने ही कर लेती. वो भी हंस देते, उन्हें पता था कि मैं जो भी कर रही हूँ उनके सामने ही कर रही हूँ।

    बेशक मेरी सेक्स की ज़रूरत पूरी हो रही थी, मगर फिर दिल में एक बात बार बार आती कि अगर कोई सच में ऐसा मर्द हो जिसका लंड सच में इस डिल्डो (नकली लंड) जितना तगड़ा हो तो उससे चुद कर क्या मज़ा आए!
    मगर इसके लिए मुझे बाहर किसी और मर्द से चुदवाना पड़ता और वो मेरी बदनामी का कारण हो सकता था।
    चलो खैर.

    शाम को हम कभी कभार क्लब चले जाते थे, अब जब घर में बेइंतेहा पैसा हो तो पैसा अपने साथ बहुत सी बुरी आदतें भी लाता है। हमारे घर में सभी को शराब, सिगरेट की आदत थी। सभी मर्दों को और औरतों को भी।
    घर की बहुएँ भी पीती थी, मैं तो सास थी, मैं कैसे पीछे रह जाती।
    पति को जुआ खेलने की भी लत थी। सिर्फ यही नहीं और सब तरह की बुरी बातें भी हमारे घर में हो रही थी।
    मुझे पता था के मेरे दोनों बेटों की बाहर भी सेटिंग थी और तो और मेरी दोनों बहुओं के भी बाहर यार रखे हुये थे, मगर हाई सोसाइटी में इन बातों को कोई महत्व नहीं दिया जाता।

    दिवाली की रात थी, हम सब क्लब में थे, सबने उस दिन खूब दारू पी।
    करीब ढाई बजे जब मुझे लगा कि मुझे ज़्यादा हो गई है तो मैंने अपने पति से घर चलने को कहा।
    मगर उनके तो पत्ते फंसे थे, वो बोले- तुम जाओ घर, मैं तो अभी और खेलूँगा।

    मैं क्या करती, बाहर आई, नशे में मैं लड़खड़ा रही थी, कार में बैठी और ड्राइवर घर तक ले आया।
    कार से उतर कर जाने लगी तो लड़खड़ा के गिर पड़ी। ड्राइवर भागा भागा आया और आकार उसने मुझे उठाया- अरे मैम संभाल कर!
    बेशक उसने मुझे सहारा देकर उठाया, मगर उसके हाथों के छूने से मैं पहचान गई कि साला मौके का फायदा उठा रहा है। वर्ना संभालने में कोई किसी औरत की छाती पकड़ता है।
    मैंने उसका हाथ आराम से हटा दिया।

    फिर एक बार सोचा, आज घर में कोई नहीं है, अगर मैं इसे ही अपने बेडरूम में ले जाऊँ तो?
    फिर सोचा, नहीं नहीं, यह तो पता नहीं किस किस को बताएगा कि मैंने मेम साब की ली है।
    छोड़ो इसे, मैं खुद को संभालती अपने बेडरूम में आ गई ए सी ऑन किया, बाथरूम में गई, अपने सारे कपड़े उतारे, पहले तो शावर के नीचे बैठे के खूब नहाई, फिर वापिस अपने कमरे में बिना कोई कपड़ा पहने ही आ गई!

    मगर यह क्या, कमरे की बत्ती क्यों बंद है, मैं तो जला कर गई थी।
    जैसे ही मैं बत्ती जलाने लगी, किसी ने मुझे पीछे से धर दबोचा और मुझे पटखनी देकर नीचे कालीन पे ही गिरा दिया।
    उसने एक हाथ से मेरा मुँह बंद किया और बोला- देखो आंटी अगर चुप रहोगी तो जान बच जाएगी।

    मैंने उसे इशारे में हाँ कही।
    उसने मेरे मुँह से धीरे से अपना हाथ हटा लिया।
    'क्या चाहते हो?' मैंने थोड़ा कड़क कर पूछा।
    'मैं एक चोर हूँ और तेरे घर में चोरी करने आया हूँ।' वो बोला।

    मैंने पलट कर उसकी तरफ देखा, उसके मुँह पे कपड़ा बंधा था। मगर मैंने यह भी महसूस किया था कि जैसे उसने मुझे नीचे गिराने में और मुझे दबा के रखने में अपनी ताक़त दिखाई थी, वाकई वो एक तगड़ा मर्द था।
    मेरे दिमाग में तभी एक खुराफात ने जन्म ले लिया, मैं बोली- कितने की चोरी करोगे हमारे घर में?
    वो बोला- जितने की हो सके!
    मैंने कहा- अगर मैं तुम्हें कुछ पैसे दूँ तो क्या तू मेरे लिए एक काम करेगा?
    'क्या काम' उसने पूछा।
    मैंने कहा- पहले छोड़ तो!
    वो बोला- अगर तुमने शोर मचा दिया तो. मैं ये चक्कू तुम्हारे आर पार कर दूँगा।
    मैंने कहा- अबे चूतिये, जो ये तू हाथ में लिए फिरता है न, इससे बड़े बड़े से खेली हूँ, मैं, ठाकुरों की लड़की हूँ, इन छोटी मोटी चीजों से नहीं डरती।


    उसकी पकड़ मुझ पर ढीली पड़ गई।
    मैंने उसे धक्का दे के नीचे गिरा दिया और उठ कर कमरे की बत्ती जलाई।
    'ओ तेरे दी, आप तो नंगी हैं?' कह कर उसने अपना मुँह दूसरी तरफ घुमा लिया।मैंने कहा- न जब पिछले पाँच मिनट से मुझे नीचे दबा कर लेटा था, तब नहीं पता था कि मैं नंगी हूँ?
    'जी, मैंने ख्याल नहीं किया!' वो बोला।
    'अच्छा, और ये जो तेरी पेंट में उठा हुआ दिख रहा है, वो क्या?' कह कर मैं ड्रॉअर के पास गई, उसमें से एक सिगरेट का पैकेट और लाइटर निकाला, एक सिगरेट खुद लगाई एक उस को दी और जाकर बेड पे बैठ गई।

    मैंने उसे पास बुलाया और बेड पर बैठने का इशारा किया।
    वो आकर बेड के एक किनारे पे बैठ गया और मेरे गुप्तांगों को चोरी चोरी देखने लगा।
    'क्यों, कभी कोई औरत नहीं देखी?' मैंने एक कश लगा कर उससे पूछा।
    वो बोला- जी बहुत देखी हैं, मगर आपकी उम्र की पहली बार देखी है।
    'क्यों, क्या खराबी है मेरी उम्र में?' मैंने कहा।

    वो कुछ न बोल पाया- आप कुछ काम को कह रही थी।
    मैं आलथी पालथी मार कर बैठ गई- देख बात सुन मेरी, ये काम तुम पैसे के लिए करते हो, अगर मैं तुम्हें कुछ पैसे दूँ, तो क्या मेरा कहा काम करोगे?
    उसने मेरी शेव की हुई चूत की तरफ देखा- काम क्या है?
    मैंने अपनी पीठ बेड से टिकाई और अपनी दोनों टाँगें चौड़ी करके अपनी उंगली से अपनी चूत की तरफ इशारा करके बोली- इसे चोदना है।
    'इसे.?' कह कर वो हैरानी से उठ खड़ा हुआ।

    'क्यों, मैं क्या तुम्हें औरत नहीं दिखती, जो इतना हैरान हो रहे हो?' मुझे भी थोड़ा सा बुरा लगा।
    'मगर आंटी, मैंने आज तक कभी इतनी उम्र की औरत के साथ नहीं किया।' वो बोला।
    'देख सबसे पहले तो मुझे आंटी मत बोल, दूसरी बात, अगर तुम्हें मज़ा और पैसे दोनों मिले तो दिक्कत क्या है यार?' मैंने कहा।
    उसने फिर से मेरे नंगे बदन को देखा और बोला- पैसा कितना दोगी?
    मैंने कहा- तुझे कितना चाहिए?
    वो बोला- 5 हज़ार।

    मैंने दराज़ से पैसे निकले और बिना गिने उसकी तरफ फेंक दिये।
    उसने पैसे उठाए और गिने- ये तो 9 हज़ार हैं।
    'गो टू बाथरूम और नहा कर आओ!' मैंने उसको हुकुम सुनाया।
    वो बाथरूम में चला गया।

    मैंने एक पेग और बना लिया और धीरे धीरे पीने लगी।
    पेग ले कर मैं बाथरूम के दरवाजे पे गई, दरवाजा खोला, वो अंदर बिल्कुल नंगा नहा रहा था मेरी तरफ उसकी पीठ थी।
    मैंने उसका काला बदन, चौड़ा सीना, मजबूत जांघें निहारी और वहीं से खड़ी खड़ी मैंने कहा- जब नहा लो तो कपड़े मत पहनना, ऐसे ही बाहर आ जाना।

    जब वो नहा लिया तो मेरे कहे अनुसार नहा के नंगा ही बाहर आ गया, जब वो बाहर आया तो मैंने उसका लंड भी देखा।
    मैंने उसे इशारे से अपने पास बुलाया।
    वो मेरे पास आया, तो मैंने उसका लंड पकड़ के उसे अपने पास खींच लिया और उसका लंड सीधे अपने मुँह में ले लिया।
    एक मिनट से भी कम समय में उसका लंड तन कर लोहा हो गया।

    मैं चाहती थी के उसका लंड मैं चबा कर खा जाऊँ।
    'मेरी चूत चाटेगा?' मैंने उससे पूछा।
    वो बोला- हाँ चाट लूँगा, पैसे जो मिले हैं।

    उसने मेरी कमर के दोनों तरफ अपनी बाहें कसी और खुद बेड पर लेट गया और मुझे अपनी ताकत से घूमा कर मुझे अपने ऊपर लेटा लिया।
    वाह क्या ताकत थी, उसकी इसी अदा पर मैं निहाल हो गई।

    वो मेरी चूत चाटने लगा, मुझे बहुत मज़ा आया तो मैंने भी उसका लंड जितना हो सकता था अपने मुँह के अंदर तक लेकर चूसा।
    दो मिनट की चूसा चासी के बाद उसने मुझे नीचे लेटा दियाऔर खुद ऊपर आ गया, उसने अपना लंड मेरी योनि पे रखा और एक ही धक्के से आधे से भी ज़्यादा लंड मेरे जिस्म में उतार दिया।
    मैं दर्द से बिलबिला उठी, मगर उस पर अब काम सवार हो गया था, उसने मेरी दोनों छातियाँ अपने सख्त हाथों में पकड़ ली और मसल के रख दी।

    ऊपर वो मेरी छातियाँ मसल रहा था और नीचे लोहे जैसे अपने लंड से मेरे जिस्म के दो टुकड़े करने में लगा था।
    हर बार उसका लंड मेरी योनि के आखरी सिरे पे जाकर ज़ोर से लगता और मेरी हल्की से चीख निकल जाती।
    वो अपना पूरी लंड बाहर निकाल कर फिर से अंदर डालता और मेरी योनि के होंठों से लेकर मेरी बच्चेदानी तक उसके सख्त लंड की मार झेल रही थी। मैं तो सिर्फ एक चुदाई चाहती थी, मगर ये तो एक चुदाई से कहीं ज़्यादा थी।

    मेरी तो जान निकली जा रही थी, वो कभी मेरे होंठ चूसता, कभी मेरे गालों को अपने दाँतो से काटता, मेरे स्तनों पर सभी जगह उसके दाँतों के निशान पड़ चुके थे।
    मैं इस ताकतवर संभोग के लिए तैयार नहीं थी, आज मुझे एहसास हो रहा था कि मैं सच में बूढ़ी हो गई हूँ।
    एक नौजवान औरत ही इस तरह के ताकतवर संभोग को झेल सकती है, मैं नहीं।
    शायद इसी लिए, मैं 3-4 मिनट की जोरदार चुदाई में ही झड़ गई।

    मगर मेरे झड़ने से उसको कोई फर्क नहीं पड़ रहा था, वो उसी जोश और जुनून से मुझे चोद रहा था।
    मैं तो बेहाल हो कर नीचे पड़ी थी।

    करीब सात मिनट उसने मुझे और चोदा और फिर अपनी पूरी ताकत झोंक कर वो मेरी बूढ़ी चूत में स्खलित हुआ।
    उसके वीर्य की धारें मुझे मेरी चूत के अंदर मेरी बच्चेदानी पर पड़ती ऐसे लगी जैसे कोई पिचकारी से पानी की धार मार रहा है।
    उस नौजवान मर्द की एक चुदाई ने ही मेरे बदन को तोड़ कर रख दिया।

    वो मेरी बगल में लेट गया।
    मैं उठी और मैंने उसके लंड को हाथ में पकड़ा, उसमें अब भी बहुत करार था।
    मैंने उसे अपनी जीभ से चाटा और मुँह में लेकर चूसा, उसके वीर्य को उसके लंड से चाट चाट कर खा गई।

    'क्यों आंटी, मज़ा आया?' वो बोला।
    'सच कहूँ, तूने तो मेरी माँ चोद के रख दी, बहुत ताकत है रे तुझमें।' मैंने उसके सीने पे हाथ फिरते हुये कहा।
    'और चुदेगी?' उसने मेरे निप्पल को अपनी उँगलियों से मसलते हुये पूछा।
    'नहीं, मेरी तो एक बार में ही तसल्ली करवा दी तूने, नाम क्या है तेरा?' मैंने पूछा।
    'उमेश, यह मेरा फोन नंबर है, फिर कभी ज़रूरत पड़ी तो फोन करना, पर एक बात कहूँ, मुझे भी तेरी लेकर बड़ा मज़ा आया, इस उम्र में भी तू बड़ी हॉट है।' कह कर वो उठा और कपड़े पहनने लगा।

    'अब क्या करेगा' मैंने उससे पूछा।
    'तुझे तो लूट लिया, अब देखता हूँ किसी और घर में कुछ और मिलता है क्या रोटी भी तो खानी है, केवल चुदाई से ही तो पेट नहीं भरता !' कह कर वो चला गया और मैं बेड लेटी सोच रही थी, क्या वो मुझे लूट के गया या मैंने अपने ज़िंदगी का मज़ा लूट लिया।
    उसने मेरे घर में चोरी की या मैंने अपनी बोरिंग ज़िंदगी से अपनी खुशी की अपनी संतुष्टि की कुछ घड़ियाँ चुरा ली, जो भी हुआ, बहुत ही बढ़िया हुआ।
    अभी नींद नहीं आ रही थी, मैंने अपना लैपटाप उठाया और फिर से bhauja डॉट कॉम खोल ली और कहानी पढ़ने लगी, तभी मुझे ख्याल आया क्यों न अपनी कहानी भी मैं bhauja डॉट कॉम पे छपवाऊँ।
    तोमैंने जो कहानी सबसे पहले खोली वो थी मेरा चोदू यार।
     
Loading...
Similar Threads Forum Date
आकर्षक सेक्स चोरी Marathi Sex Stories - मराठी सेक्ष कहानिया Apr 27, 2016
चोर ने चूत में मची हलचल को शांत किया Hindi Sex Stories Jan 30, 2018
चोराला तोंड मध्ये लंड टाकून जवले Marathi Sex Stories - मराठी सेक्ष कहानिया Dec 15, 2017
घर चोरी करते पकड मुंह में लंड चूसा कर चोदा Hindi Sex Stories Dec 11, 2017
चोरी की सजा बनी चुदाई की वजह Hindi Sex Stories Dec 1, 2017
चोर पुलिस और चूत लंड Hindi Sex Stories Nov 17, 2017

Share This Page



বাসর রাতে জুর করে চুদার গল্প  பர்தா காம கதைகள்  கனவர் காமகதை  /threads/%E0%A4%A6%E0%A5%80%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%B9%E0%A4%B5%E0%A4%B8-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%86%E0%A4%97-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%A4-%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE.208676/  Ammanakundi adimai kathaigal  Ma chele bangla choti golpo  হাগা চুদলো  মায়ের হাগু চটি গল্প  মা ও আমার সুখ বাংলা চোটি  বস গুদ মেরে দিলো  70 साल कि बुढि औरत को जवानि कि याद दिलाई  ரேப் காம கதைகள் லெஸ்பியன்  Doghi ki sxsi kaghani  Bon Ka Jore kora Chudar Bangla Choti Golpo  বাড়া খেচার মত চুদার চটি গল্প  আব্বার চোদা  paise ke liye mummy ki chudayi kahani  বড় বড় মোটা মোটা বারার ছবি  অসমীয়া চুদা চুদি সাধু কথা  ব্যবসায়ীর কচি মেয়েকে হোটেলে নিয়ে চোদা চটি  वहिनी ची पूच्ची  ভাবীকে পাদে ফেলে চুদলাম বাংলা চটি  Force Sex story in kannada  আপু কে চুদার গল্প  বউয়ের দুধ খাওয়ার চটি গল্প  ঘুমের ওষুধ চটি  bahan bhawjay ka kahani  ড্রাইভার আংকেলের সাথে মালিকের মেয়ের চোদাচুদির গলপো  Sexy Kathalu  লে ভোদা চুদে খা  চটি এই ভাইয়া আস্তে আস্তে কর আমিতো চলে যাচ  বড় আপু নাজমা কে চুদলাম  Gave ke sadi sex story  রাতে.ভুল.করে.চোদাল.গলপ  Assamese sex golpo  অলিখিত ভাতার  গোসল করতে গিয়ে আপুকে চোদার গল্প  காமகதை உன் புருஷன் மேல எனக்கு ஒரு கண்  মাগির ভুদায় জল চুষে খালাম  আমি শ্রাবতীকে চুদবো গুদ দেখাও  parivar ho to aisa -full long desi sex stories  Jangali aadiwasi chudai kahani  ১৬ বছর বয়সে চাচিকে চুদলাম  ভাবীর গোসল বৃষ্টি রাতে চটি  bangali boro poder choti  ছোটবেলার choti  www.Bangla মামির সাথে এক খাটে ঘুমালাম।chaty.com  அண்ணி காம பாத்ரூம் கதை.com  తెలుగు అత్తయ్యా బుతు కథలు  ঘুমন্ত মহিলা চোদার কাহিনী  xstory incest thread Hindi story  क्सक्सक्स केलो  তোমাকে ভালো লাগছে চটি ভিডিও  ভুলে চদা চটি  Pradnya ki xxx chut video. com  Bangla guder vitor ki ache site:krot-group.ru  বারা খেচা চুদাচুদির গলপো  കമ്പി കഥ കുൻഡി മൂത്രം ഭാര്യാ കഥ  সুমাইয়াকে চোদার বাংলা চটি  মা পাছা চুদবো  அக்காவை அப்பா ஒழு தான் ஒல் செக்ஸ் கதை  লেংরা মেয়েকে চুদা কাহিনি  পক গিদা ছুদা ছুদি ভিদিও  Kama Kathai kilavan  মা ছেলে গালা গালি নতুন চটি   ছেলে পাগল মেয়ের গল্প চটি  Bangla ma porokia sex choti golpo  বউ যখন খানকি চটি  ଓଡିଆ ଛୋଟ ଗପ  ভাবির ছোট বোনকে চুদে পোয়াতি করা  அழகான அக்காபுண்டை  হাগা পোদ চাটা চটি  চাচির গুদের খুদা  marathi mavsila pavsat zavle kahani  মা বলে তোর খালাকে চুদবি চটি  Bangla choti golpo chatrir voda dekha  লোভনীয়।দুধ।গুদ  நானும் என் இரண்டு நண்பனும் அம்மாவை ஓத்தோம்  शादी मे चुदाई  হিন্দু মেয়ের পুটকি চোদা চটি  শালী চুদলে যাবে মনের কালী  bhaijaan ka pyra lund से अपनी प्यास bhujai हिन्दी sex stroy  ಅಮ್ಮ ಮಗಳ ಕಾಮ ಕಥೆ  বরিশালের.মেয়ে.দের.চুদে.মজা  অসুস্থ বাবাকে ফেলে মা ছেলে চুদা চটি