भाभी ने मुझे चोदा-1

Discussion in 'Hindi Sex Stories' started by 007, Dec 6, 2017 at 7:42 PM.

  1. 007

    007 Administrator Staff Member

    Joined:
    Aug 28, 2013
    Messages:
    134,258
    Likes Received:
    2,131
    //krot-group.ru desi bhabhi

    जब चोदने में मजा नहीं आ रहा है तो तेरा लंड मुझे देख कर क्यों खड़ा हो जाता है? बोल कमीने .?

    इस तरह की बातों के साथ मेरी चुदाई हो गई। मेरी अपनी भाभी ने मुझे इस कदर पागलों की तरह से चोदा कि उस चुदाई को मैं आज तक नहीं भूल पाया हूँ। तो दोस्तों मैं बताता हूँ अपनी जीवन की एक घटना जिसमें भाभी ने मुझे चोदा।
    तो पेश है मेरी कहानी।

    मेरी पहली चुदाई के बाद भाभी मुझसे इतनी घुल मिल गई थीं कि मुझे कभी भी चुम्बन कर लेतीं, तो कभी मेरे लंड को पकड़ लेतीं।
    जब मैं कहीं से घूम कर आता तो वो अपने बदन से साड़ी का पल्लू उतार कर दरवाजा बोलतीं- ले पी ले अपनी भाभी का दूध !

    मुझे घर में सिर्फ उनका दूध ही पीने की इज़ाज़त थी पर अब मुझे भी इसमें मजा आता उनके सामने तो मैं भी उन्हें निचोड़ कर पीता। उनके गुलाबी निप्पल देख कर तो मेरा मेरे लंड पर कंट्रोल ही नहीं रहता था। मेरा लंड खड़ा हो ही जाता, मेरी भाभी थीं ही इतनी सेक्सी।
    मुझे सारा दिन चुदाई करनी पड़ती थी, कभी-कभी तो कुछ भी कहने नहीं देती थीं।

    उनका 34-28-32 का फिगर मुझे उन्हें चोदने के लिए मजबूर कर देता, मेरे लंड को देख कर वो खुश हो जातीं।
    रोज रात को अब मेरे लंड को मालिश मिल रही थी और रोज मालिश और चुदाई से मेरा लंड और भी मोटा तगड़ा होता जा रहा था।

    मेरे लंड का सुपारा अब और भी गुलाबी हो गया है और इतनी मालिश के बाद एक बहुत अच्छी सी चुदाई करने का मौका मिलता था।
    उसमें भाभी मेरे लंड को ऐसे चोदती थीं कि ऐसा लगता कि मैं खयालों में हूँ..!
    वो मेरे लंड पर अपनी जीभ कुछ इस तरह फिरातीं कि बस मैं पागल हो जाता।

    मैं भी भाभी को चुम्बन करता और उनके मम्मों को चूसता। कसम से उन्होंने तो मेरी दिन और शाम ही बदल दी।
    एक साल तक चली हमारी यह चुदाई, मैं आज तक नहीं भूल पाया हूँ। वैसे वो मुझे आज भी बुलाती हैं, पर इस घटना के बाद मुझे बहुत बुरा लगा और मैंने उनसे सारे रिश्ते तोड़ दिए।

    तो दोस्तों हुआ कुछ यूँ कि मैं जॉब करता था। भाई की शादी हुई, हम सभी बहुत खुश थे।
    3-4 महीने बाद ही मुझे यह बात समझ गया कि भाभी उदास हैं। उन्हें वो सब नहीं मिल रहा है जिसकी उन्हें जरुरत है और मेरा तभी से उनके प्रति नजरिया बदल गया।

    मैं उन्हें अब खुश करने की सारी नाकाम कोशिश करने लगा, पर भाभी को न समझा पाया।
    भाभी को अब भैया से बात करना भी पसंद नहीं था, वो मुझमें ज्यादा रुचि लेती थीं पर यह बात मुझे करीब एक साल बाद पता चली, जब मैंने उन्हें रंगे हाथों मेरे लंड को छूते हुए पकड़ लिया।

    गर्मी का दिन था और मैं बहुत गहरी नींद में सो रहा था, सुबह के करीब 5 बज रहे थे, मुझे पेशाब लगने के कारण मैं उठ गया, पर बिस्तर पर लेटा हुआ था।
    मेरा 6.5 इंच का लंड मेरे शॉर्ट्स से बाहर निकल रहा था।
    मेरा सुपारा तो पहले से ही बहुत मोटा है, उस दिन कुछ ज्यादा ही मोटा लग रहा था, शायद पेशाब लगने के कारण हो गया था।
    मैंने आँखें बन्द की हुई थीं।

    तभी मेरे लंड पर कुछ हलचल सी होती महसूस हुई। मैंने आँखें खोलीं तो देखा कि भाभी मेरे लंड को छू रही हैं।
    मैंने तुरंत उठ कर लंड को शॉर्ट्स के अन्दर डाला, पर जैसे वो अभी अन्दर जाने को तैयार नहीं था।
    मैंने अपने लंड को ठीक से पकड़ा और शॉर्ट्स के अन्दर किया, पर उसका उभार मुझे सता रहा था।
    फिर मैंने भाभी से कहा- भाभी यह क्या कर रही हो? पागल हो क्या.!?!

    मेरी बात सुन कर भाभी ने मुझे कहा- तुम जवान हो ग़ए हो, मैं तो हमेशा तुम्हें बच्चा ही समझती थी, पर तुमने तो कमाल का 'वो' पाया है।
    मैं इस बात पर शरमाया, पर मैंने भाभी को गुस्से से बोला- भाभी, यह क्या बकवास है और भैया कहाँ हैं.!
    उन्होंने कहा- वो सो रहे हैं।

    मैंने कहा- भाभी तुम्हें ऐसा नहीं करना चाहिए, तुम्हें उनका खयाल रखना चाहिए और तुम यहाँ मेरा 'वो' देख रही हो.!?
    तो उन्होंने कुछ नहीं कहा और मेरे थोड़ा और करीब आईं और मुझे चुम्बन कर दिया।

    मैं हैरान था, मैंने अपनी भाभी का ये रूप पहली बार देखा था। मैंने उन्हें अपने बिस्तर पर जोर से धक्का दिया और वहाँ से चला गया।
    उस दिन मेरे ऑफिस की छुट्टी थी और भैया को उसी दिन दुबई जाना था। उनकी फ्लाइट दिन मैं नौ बजे थी। जल्दी ही वो तैयार हो गए और मैं उन्हें एअरपोर्ट पर छोड़ आया।

    मेरा दिल अभी भी धड़क रहा था कि कहीं भाभी कुछ और न करें।
    घर गया तो भाभी ने मुझसे कुछ नहीं कहा।
    मैंने सोचा कि चलो अच्छा है, इन्हें अपनी गलती का एहसास हो गया है।
    ऐसे ही कुछ दिन निकल गए थे, भाभी मुझसे जरा भी बात नहीं कर रही थीं, मुझे वक्त पर खाना मिल जाया करता था।

    फिर मैं एक दिन रात में टॉयलेट करने के लिए उठा, तो देखा कि भाभी अपने बिस्तर पर बैठ कर रो रही हैं।
    वैसे तो वो रोने की आवाज मैंने कई बार सुनी थी, पर कभी इतना ध्यान नहीं किया।
    जब मैंने भाभी को देखा तो वो और जोर-जोर से रोते हुए मेरे गले से लग गईं।

    मैं नींद में था और कुछ समझने की स्थिति में नहीं था। भाभी मुझसे लिपटी हुए थीं और मैं सिर्फ शॉर्ट्स में था।
    मैंने भाभी को कहा- क्या हुआ भाभी?
    तो वो कुछ नहीं बोलीं।

    मैं उन्हें अपने कमरे में लेकर आया और अपने बिस्तर पर बैठाया और उनके लिए पानी लाया।
    उन्होंने पानी पिया और मेरी जांघ पर अपना सर रख कर लेट गईं।

    मैंने प्यार से उनके सर पर हाथ रखा और फिर पूछा- भाभी आपको क्या हो गया है. पहले तो आप ऐसी नहीं थीं?
    उन्होंने कहा- अर्पित, तेरे भईया मुझे शादी के बाद कभी सेक्स का सुख नहीं दे सके हैं। मैं सारा दिन तड़पती रहती हूँ। मैंने जब से तेरा लंड देखा है, मेरा मन और भी ज्यादा मचलने लगा है। मेरी प्यास और बढ़ गई है, मुझे कुछ समझ में नहीं आता कि मैं क्या करूँ. तू भी मुझे अपने पास नहीं आने देता है।

    भाभी बताने लगी कि उन्होंने कई बार मेरा लंड देखा है। अब मेरे जिस्म में अजीब सी बैचैनी होने लगी थी।

    भाभी ने बताया- मैं रात-दिन तड़पती हूँ और तेरे भैया तो नपुंसक हैं। उनका लंड तो खड़ा ही नहीं होता और अगर हो भी गया तो एक-दो मिनट में झड़ जाता है और वो मुझे ऐसे छोड़ देते हैं। मैं सारी रात तड़पती हूँ, घर की मान मर्यादा के कारण कभी किसी और से सम्बन्ध भी नहीं बनाया, पर मैं तुझमें अपने पति का रूप देखती हूँ। मुझे लगता है कि तुम ही अपने भाई की जगह ले सकते हो। तुम्हें देख कर मेरा मन मचलने लगता है। तुम ही बताओ अर्पित मैं क्या करूँ..!
    भाभी की यह सारी बात सुन कर मुझे भैया पर गुस्सा आ रहा था, तो वहीं भाभी पर प्यार आ रहा था। भाभी का मेरी जांघों के बीच सर रख कर लेटने के वजह से अब मेरे शरीर में भी गर्मी पैदा होने लगी थी। मैं कई बार सोच रहा था कि क्या करूँ और क्या न करूँ।
    उस दिन मैंने अपनी कुंवारापन खो दिया। भाभी ने मेरी टाँगों के बीच में मेरा बढ़ता हुआ लंड महसूस किया और मेरी तरफ देखने लगीं। मेरी आँखों में उन्हें उनके लिए बहुत सारा प्यार था।

    मैंने कहा- भाभी आज से मैं तुम्हारा हूँ। मैं तुम्हें ऐसे उदास नहीं देख सकता हूँ। मैं चाहता हूँ कि तुम वो सारे सुख पाओ जो भैया ने तुम्हें कभी नहीं दिए।
    भाभी की आँखों में चमक थी।

    वो उठीं और मुझे मेरे माथे पर चुम्बन किया, मैंने उन्हें अपने सीने से लगा लिया, मैं केवल शॉर्ट्स में था। मैंने अंडरगारमेंट्स तक नहीं पहना था। मेरा सीना भाभी के सीने से रगड़ खा रहा था।
    मैंने तो ऊपर कुछ पहना नहीं था और भाभी ने भी अन्दर ब्रा नहीं पहनी थी और हम एक-दूसरे से इस तरह चिपके थे, जैसे कितने सालों से प्यासे हों और प्यास थी भी.!

    हम दोनों ने करीब दस मिनट तक चुम्बन किया और फिर मैंने अपना हाथ उनके नाईट-सूट के अन्दर हाथ डाला तो देखा कि उनके चूचे बड़े ही सख्त हो गए हैं, इतने टाइट कि अपनी जगह से हिल भी नहीं रहे थे।

    मुझे लगा भाभी सच कहती हैं कि आज तक उन्होंने कभी सेक्स नहीं किया। उनकी यह मस्त जवानी मुझे मेरे सीने पर महसूस होने लगी थी।
    भाभी भी अब मेरे लंड की चुभन को सहन नहीं कर पा रही थीं।

    मैंने अपने हाथों से उनके चूचों के परदे को हटा दिया और कहा- भाभी, तुम बहुत खूबसूरत हो..!
    भाभी ने कहा- मैं जो भी हूँ आज से सिर्फ तुम्हारी हूँ। मैं तुम्हें बहुत प्यार करती हूँ अर्पित..!

    तभी भाभी ने मुझे मेरे बिस्तर पर धक्का दिया और मेरे पेट पर बैठ गईं। मैं ऊपर से बिल्कुल नंगा था और भाभी भी मुझे चोदने को तैयार थीं।
    मैंने उनके निप्प्ल को पकड़ा और जोर से मसल दिया तो भाभी चिल्लाई- आआउच.. अर्पित आराम से. दर्द हो रहा है..!

    मैंने भाभी को ऐसे ही अपने ऊपर लिटा लिया और उनके चूचों को चूसने लगा और उनके मुँह से मुझे और गरम करने वाली आवाज आने लगीं- आआह्ह्हआपी. और जोर से चूसो.!

    मैं उन्हें तड़पते हुए उनके चूचुकों पर अपनी जीभ फिराता, तो कभी उनके चूचुकों को दांतों से हल्का सा काटता।मेरी ऐसी हर एक हरकत से उनके मुँह से आवाजें तेज हो जातीं और मेरा हौंसला बढ़ाता। मैं भी अब इसमें खोता जा रहा था, मैंने देखा कि भाभी के चूचुकों का रंग अब पूरी तरह से गुलाबी हो गया है, जो मेरे सुपारे के रंग से बिल्कुल मिल रहा था।

    भाभी बोलीं- अर्पित मुझे तुम्हारा लंड कब से चुभ रहा है, दिखाओ जरा.! मैं भी उसे प्यार करना चाहती हूँ..!
    मैंने उन्हें बगल में लिटाया और उनके सामने ही अपनी पैंट उतार दी और मेरा लंड भाभी मुँह के बिल्कुल करीब था।

    'अर्पित सच में तेरा लंड बहुत बड़ा है..!' भाभी ने कहा और मेरा 6.5 इंच का लंड भाभी जी के मुँह के बिल्कुल करीब था, तो भाभी जी ने अपने दांतों से मेरे लंड को दबा लिया और मेरी चीख निकल गई- भाभीईईई. अईईई मर गया. ऊऊऊओई ईईईईए.. भाभी मुझे नहीं पता था कि आप इतनी हॉट हो. नहीं तो मैं कब का तुम्हें चोद चुका होता। भाभी मैं कब से किसी के साथ सेक्स करने के लिए तड़प रहा था. काश.. यह बात मुझे पहले पता चल गई होती, तो मैं आप को कभी इतना उदास होने ही नहीं देता।

    इसी दौरान भाभी मेरे गुलाबी सुपारे को जोर-जोर से चूस रही थीं। मेरी आँखें बन्द सी होने लगीं और मुझे ऐसा लगा कि मैं अब झड़ने वाला हूँ।
    और ऐसा हो भी क्यों न.!
    इतनी सेक्सी भाभी जो अपने देवर के लंड को पन्द्रह मिनट से चूस रही थीं। मेरा लंड और भी अकड़ता चला गया और सुपारा और भी गुलाबी होता जा रहा था।
    मैंने भाभी से कहा- भाभी मैं झड़ने वाला हूँ. मेरा लंड पूरा मुँह में ले लो.. !
    भाभी ने कहा- मैं कोशिश कर रही हूँ अर्पित, पर तू तो पंजाबी पुत्तर है न. तेरा लंड सिर्फ 5 इंच तक ही अन्दर जा रहा है। ये तेरा लंड है ही इतना मोटा मैं क्या करूँ ..?
    मैंने अपनी आँखें बन्द कीं और अपनी जवानी का रस पहली बार अपनी भाभी के मुँह में छोड़ दिया। वहीं जब मेरे लंड से जब पिचकारी छूट रही थी, तो मुझे कुछ भी सूझ नहीं रहा था। मेरी आँखें बन्द हो गई थीं। पहली बार मैंने अपने लंड से कुछ ऐसा निकलते देखा था।
    थोड़ी देर बाद देखा तो भाभी का मुँह मेरे रस से पूरा भरा हुआ था।

    मैंने कहा- क्या हुआ भाभी?
    वो कुछ नहीं बोली और सीधा बाथरूम की तरफ भागीं। मैं भी उनके पीछे-पीछे गया उन्होंने कुल्ला किया और मैंने उन्हें पीछे से पकड़ लिया और अपना लंड उनकी गांड से सटा दिया।
    दोस्तों कैसे बताऊँ वो क्या सीन था.!

    मैं भाभी को पीछे से पकड़ कर चुम्बन करने लगा। मैंने उनको अपने बाँहों में लिया और पीछे से ही उन्हें उनके गाल और गर्दन पर जोरों से चुम्बन करने लगा।
    भाभी ने अपना हाथ पीछे कर के दोबारा मेरे लंड को पकड़ लिया और देखा कि उसमें अभी बहुत जान है। वो उसे ऐसे ही पीछे हाथ कर के मेरे लण्ड को हिलाने लगीं और मैं उसे चुम्बन करता रहा।

    करीब दस मिनट के बाद भाभी ने पाया कि मैं फिर से उन्हें सताने के लिए तैयार हूँ। तो भाभी मेरे सामने आईं और बोलने लगीं- चल अर्पित रूम में चलते हैं..!
    मैंने मना कर दिया और शावर चालू कर दिया। अचानक हम दोनों ऐसे चिपक गए जैसे कभी एक-दूसरे से अलग नहीं होंगे।
    मैंने उनके होंठों पर चुम्बन करना चालू रखा। बेचैनी में हमारे शरीर ऐसे लिपटे थे, जैसे कितने बरसों की प्यास को आज ही शांत कर देंगे। भाभी के नंगे मम्मे मेरे सीने से मसल रहे थे।

    मुझे मेरे दोस्तो, ऐसा लगा जैसे नाजुक सा स्पोंज हो जो मैंने आज तक कभी नहीं महसूस किया था।
    मैं भी उन्हें तड़पाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा था। मैंने अपने हाथ से अपने लंड को पकड़ रखा था और भाभी की चूत पर ऊपर से ही रगड़ रहा था। उनके बदन में भी सिहरन सी दौड़ रही थी और अचानक उन्होंने मुझे बहुत जोरों से पकड़ लिया। उनके शरीर में एक हल्की सी कम्पन सी मुझे महसूस हो रही थी।

    मैं इस बात को बहुत अच्छे से समझ रहा था कि वो अब चुदाई के लिए बहुत बेचैन हैं। बस हमारे इस सेक्स को बहुत यादगार बनाने और मेरा साथ देने के लिए ऐसा कर रही हैं।
    हम दोनों चुम्बन किए जा रहे थे। बीस मिनट के बाद मैंने उन्हें इंग्लिश टॉयलेट सीट पर बैठा दिया और उन्हें मेरा लंड दोबारा लेने को कहा।
    मेरा लंड किसी गरम लोहे की तरह हो रहा था।
     
Loading...
Similar Threads Forum Date
भाभी ने मुझे चोदा-2 Hindi Sex Stories Wednesday at 7:41 PM
पुणेच्या नेहा भाभीची ठुकाई Marathi Sex Stories - मराठी सेक्ष कहानिया Tuesday at 8:00 AM
भाभी ने घोडी बनून ठोकून घेतले Marathi Sex Stories - मराठी सेक्ष कहानिया Sunday at 5:02 AM
कैसे मैंने अपनी भाभी को चोद के उसे मेरी रांड बनाई Hindi Sex Stories Dec 1, 2017
एक संध्याकाळ भाभीच्या नावाने Marathi Sex Stories - मराठी सेक्ष कहानिया Dec 1, 2017
भाभी ने मांगी चुदाई की भीख Hindi Sex Stories Dec 1, 2017

Share This Page



/threads/%E0%A4%A6%E0%A5%8B%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A4-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AC%E0%A5%80%E0%A4%B5%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%A6%E0%A5%8B%E0%A4%A8%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%A4%E0%A4%B0%E0%A4%AB-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%9A%E0%A5%8B%E0%A4%A6%E0%A4%BE.180393/খালা আপনার ভোদা অনেক টাইটচটি গল্প- Auntyখালার।সাথে।চুদা।চুদির।চটি।গল্পwww.sosurer chodon golpoಅಕ್ಕ ನ ಜೊತೆ ಕಿಂಕೀ ಕಾಮ ಕಥೆಗಳುভাজিন বান্ধবীকে জোর করে চুদাpyaar karne ke liye god me bithaya aur chod diya sex storyশেষ রাতে মাগিরে চুদার গলফবাংলা চটি ভাবিবেশ্যাকে চুদার গল্পছেলের টাকায় সংসার চলে মা ও ছেলের চটিBondur Bow And Amr Bow Coti Golpoமாமியார் ஜாக்கெட் காமம்didi ar vai er pem valobasar uponnas bangla chotiAkkavai karbamakkiya thambi kamakathaikalএমপির চোদন বাংলা গল্পবিবাহিতা মহিলাদের জোরকরে চোদার কাহিনীবৌমা শুশুর হোটেল বাংলা গলপ xxxগোসল করতে করতে চুদলোஹீல்ஸ் நக்கி சுத்தம் பண்ணுMa babar choda chodi ratஅம்மா தொப்புள் காமகதைகள்বিধবা কাকিমাকে চুদে পেট করে বাচ্চা বানিয়ে দিলো গল্পநண்பனுடன் சேர்ந்து காதலியை ஓழ்த்த காமகதைनग्नतावादAmma Rap sex kathaluमित्र ची सेक्सी आंटीबरोबर झवलोআপার গুয়া চোদাమహి రే మరిది xossip sex kathaবাড়ির সবাই মিলে গুরুপ চটি গল্পApu choti golpoচোদা গল্পচটি গল্প সোনাमामीला शेतामध्ये झवलोஅப்பாவித்தனமான காம கதைகள் অচেনা মেয়ে চুদে নিলো চটিঅচেনা পুরুষের চোদন বৌকেগিৰিয়েক ঘৈনিয়েকৰ চোদাচোদী কাহিনীঠাকুর দাদু চটি গল্প लड़की गांड केसी मरतीहै वीडियो सक्स .comमराठी झोपलेल झवलेल विडोयMami Kathaithandri kuthuru dengulata telugu sex storiesবউ চুদাচুদির গলপnew collection of auntys hot nude threads imageভাবিকে জোর করে চুদা গল্পSex Story Samike Na Janiye Coda Khaoyaকমন রুমে গুরুপ চোদাবন্ধুর বউ চোদাঘুমের ভিতর ছোট বোন চটিসেই রাতেই বেশা মাকে বিযে করে চুদাচুদি করলামஅப்பா மகள் ஓல்চটি গল্প জুলিকচি মেয়েদের পাচা এবং চুদা গল্পHindi sex stories पिता और समधीবাংলা চটি পতিবেশিবাংলা চটি পিচ্চিpyrn bate ko rkhal bna ka chodaবৌও চুদার গল্পenna nadakthu intha veetill tamil sex storyচাচা বোনকে ২ ভাই মিলে চুদাচদি গলপபஸ் பயணம் அம்மாவுடன் ஓல்/threads/kannada-sex-stories-%E0%B2%AE%E0%B2%A7%E0%B3%8D%E0%B2%AF-%E0%B2%85%E0%B2%A1%E0%B2%B5%E0%B2%BF%E0%B2%AF-%E0%B2%AB%E0%B2%BE%E0%B2%B0%E0%B3%8D%E0%B2%AE%E0%B3%8D-%E0%B2%B9%E0%B3%8C%E0%B2%B8%E0%B3%8D-%E0%B2%A8%E0%B2%B2%E0%B3%8D%E0%B2%B2%E0%B2%BF-%E0%B2%AE%E0%B2%B2%E0%B3%8D%E0%B2%B2%E0%B3%81.89419/गांडीत बोट घातलेচাচার বাড়া গুদেধামিক মা চটিSex kahini assamese priyomসেক্সির সময় আহহহহহহ উফফফআমি কীভাবে চুদবোassamese bandhur maakok chuda storyশশুরের চুদা খাওয়া বাবা জোর করে চুদলৌ চোটি গলপোmeri slim bhtiji ki chhti chuchiyan cudaiবউ সিরিজ চটিমেয়েদের গুদ চুদাगांड चाटुन झवाझवी करनेতুই কি এখন করবি মা চটিஎன் மனைவி அவள் தங்கையின் கணவனிடம் ஓல் கதைdriver बरोबर सेक्स kathaIncest চটি গল্প দুর্বলদেশি মুটা আপুদের পাছা মারা মাগি চোদার চটি ছবি সহ