शराब के नशे में सविता आंटी को चोदा

Discussion in 'Hindi Sex Stories' started by 007, Sep 24, 2017.

  1. 007

    007 Administrator Staff Member

    Joined:
    Aug 28, 2013
    Messages:
    134,296
    Likes Received:
    2,131
    //krot-group.ru हाई दोस्तों मेरा Antarvasna नाम आशीष हे और मैं 19 साल का सामान्य देखाव वाला लड़का हूँ. मेरा रंग साफ़ हे और मेरा लोडा 6 इंच लम्बा हे और मेरी बॉडी की हाईट 5 फिट 7 इंच जितनी हे. मैं रांची से हूँ लेकिन अभी अपनी पढाई के लिए बंगलौर में ही रहता हूँ.

    यहाँ इस साईट के ऊपर सेक्स की कहानियाँ पढ़ के मेरा मन भी हुआ की मैं भी अपने सेक्स की बातें लिखूं. और आह आप के लिए ये कहानी ले के आ गया. ये कहानी मेरे और मेरी चाची के बिच की चुदाई की हे. चाची का नाम सविता हे!

    मुझे पहले से ही 24 से ले के 40 साल की उम्र की महिलायों को देखना और उनके साथ सेक्स करना पसंद हे. मैंने बचपन में ही पोर्न मूवीज देखना चालू कर दिया था और हमेशा से ही मैं नंगी औरतो को देखना और छूना चाहता था.

    चलिए अब स्टोरी पर आते हे. मेरे 12 बोर्ड के एक्साम्स ख़तम कर के मैं चाचा के घर गया दिल्ली. वह मैं बिजनेश सिखना चाहता था चाचा से. चाचा और पापा के एक वेंचर हे वहां पर दिल्ली में. मेरी एग्जाम के बाद मम्मी ने चाचा को कॉल कर दिया था की आशीष को कुछ दिन वहां पर रखो और उसे बताओ बिजनेश के बारे में. मम्मी ने कहा था की मैं शाम को आऊंगा लेकिन मैं चाचा को सरप्राइज देने के लिए मोर्निंग में ही वहाँ पहुँच गया.

    दिल्ली एअरपोर्ट के ऊपर मैं करीब 8 बजे पहुंचा और चाचा के घर पर पर 10 बजे. चाचा का घर 2 माले का बंगला हे. मैंने दरवाजे की घंटी बजाई और चाचा के नोकर रामू काका ने दरवाजा खोला. मैंने कहा कुछ बोलना मत. और फिर मैंने पूछा तो पता चला की चाचा काम पर थे और बच्चे स्कुल में थे. घर के अन्दर तब सिर्फ मेरी चाची ही थी जो अपने कमरे में थी. नोकर ने कहा की चाची अपने कमरे में रेडी हो थी थी.

    दोस्तों आगे की कहानी बताने से पहले आप को सविता चाची के बारे में बता दूँ. वो गोरी हे और थोड़ी नाटी हे. उन्के लम्बे ब्राउन बाल हे और बड़े बूब्स हे. चहरा और गांड भी ऐसी हे की उसके ऊपर शहीद होने का मन करे. वो एक ऐसी परी थी जिसकी चाह हर आदमी को होती हे. 31 साल की उम्र की होने के बावजूद भी चाची अभी भी एकदम हॉट लगती हे और उसे देख के लगता ही नहीं हे की वो दो बच्चो की माँ हो! अपनी कहू तो मैं अक्सर चाची के बदन को देखता रहता था.

    मैं चाची के कमरे पर गया और धीरे से नोक किया. चाची ने सिर्फ एक तोवेल लपेट के दरवाजे को खोला. चाची को लगा की कामवाली हे इसलिए उसने अपने चुचें और चूत को ढंक के दरवाजे को खोला था. बाप रे तो कितनी हॉट लग रही थी जब उसके बदन से पानी अभी भी टपक रहा था और उसके बाल भी गिले थे. मेरा तो लंड खड़ा हो गया चाची को ऐसे देख के. मैं कमरे में घुसा. पहले चाची एकदम शोक्ड थी लेकिन फिर बड़ी खुश हो गई वो. वो मेरे पास आई और उसने मुझे गले से लगा लिया. उसके बड़े बूब्स मेरे पेट के ऊपर टच हो रहे थे और मेरा तो मन किया की सविता चाची का तोवेल फाड़ के उसके बूब्स को दबाने लगूं.

    शायद चाची ने भी नोटिस कर लिया था की मेरा लंड कडक था. क्यूंकि वो भी मुझे बड़ी नोटी स्माइल दे रही थी. उसने मुझे गले से दूर किया और फिर हम दोनों बातें करने लगे. मैंने भी टाइम वेस्ट किये बिना सीधे उसे कहा की चाची आप तो भाई और भी हॉट ही होती जा रही हो. ऐसे तो मुझे बहुत दिक्कत हो जायेगी देखो भाई.

    मैं और चाची काफी क्लोज थे और साथ में बैठ के शराब भी पीते थे. चाची थोडा बलश कर के बोली, तुम भी तो बड़े हो गए हो अब और हेंडसम भी.

    मैंने चाची को थेंक्स कहा और मैं कमरे से बहार आ गया क्यूंकि उन्हें चेंज करना था.

    इस किस्से के बाद मैंने सोच लिया था की चाची को जरुर चोदुंगा. और मैंने प्लान करना चालू कर दिया. मुझे जब भी मौका मिलता था मैं चाची के करीब में रहता था.

    एक दिन शाम को जब फेक्ट्री से घर आ तो मैंने देखा की चाची बस साडी में सो रही थी. और उनका साडी घुटनों तक ऊपर आ चूका था. मैं उनके बगल में जा के सोने का नाटक करने लगा और थोड़ी टाइम बाद धीरे धीरे उसकी चुन्चियों में हाथ फेरने लगा.

    मैं बहुत ज्यादा एक्साइट हो चूका था. चाची के बूब्स इतने बड़े और सॉफ्ट थे की मज़ा आ रहा था. और साथ में डर भी लग रहा था. मैं धीरे से अपने दुसरे हाथ से साडी को ऊपर करने लगा और फिर दोनों बूब के पास अपने हाथ फेरने लगा. सविता चाची का बदन गरम था! ये सब चल ही तह था की चाची थोडा हिलने लगी. मैं आँखे बंद कर के सोने का नाटक करने लगा. और फिर थोड़ी देर के बाद मैंने फिर से वो काम चालू कर दिया. लेकिन उसके बाद कुछ आगे करने का चांस नहीं मिला. थोडा सा डर भी था की कहीं चाची ने किसी को बोल दिया तो फालतू में बदनामी हो जायेगी. लेकिन चाची को चोदने की प्यास इस दिन के बाद और भी बढ़ गयी और मैं एक सही मौके की तलाश में ही था बस.

    मेरी ये सब हरकतों का अंदाज़ा चाची को तो लग ही रहा था और इस बात का अहसास मुझे होने लग गया था क्यूंकि चाची अजीब बिहेव करने लगी थी. जैसे की कम बात करना, मेरे से दुरी बना के रखना. मेरे दिल के अन्दर का डर और भी बढ़ गया था चाची के इस बिहेवियर से. मैं भी अब चाची से थोडा दूर सा रहने लगा था.

    ऐसे ही करीब 10 दिन निकल गए और मेरे अन्दर की हवस अब और भी ज्यादा बढ़ गई. चाची की पेंटी ब्रा सूंघने के बाद मुठ मारता था मैं. एक दिन चाचा बोले की मैं एक हफ्ते के लिए बहार जा रहा हूँ. और उन्होंने मुझे और चाची को फेक्ट्री के काम का ध्यान रखने के लिए कहा. मैं मन ही मन में बादसा खुश हो रहा था की क्यूंकि ऐसे में चाची को चोदने के चान्सिस बढ़ जाने थे.

    अगली सुबह मैं तैयार हो के चाचा को एअरपोर्ट पर ड्राप कर के फेक्ट्री चला गया. शाम को करीब 8 बजे मैं घर वापस गया तो देखा की चाची बेचारी उदास लग रही थी और अपने लेपटोप में वो कुछ कर रही थी. मैं उन्के पास गया तो बहुत पूछने में चाची ने बताया की वो बहोत बोर हो रही थी और कुछ समझ में नहीं आ रहा था उसे की क्या करें. मुझे तुरंत आइडिया आया की क्यूँ ना चाची को क्लब लेके जाऊं. फ्राइडे नाईट की वजह से क्लब में ट्राफिक भी अच्छा होता हे. बहोत मनाने केबाद चाची क्लब चलने के लिए रेडी हुई.

    करीब एक घंटे के बाद चाची ब्लेक वन पिस पहन के आई. कसम से चाची उसके अन्दर सेक्स बम लग रही ऊपर से उन्के वो सेक्सी होंठ और आँखे! मैं उन्हें देख के अपने मुहं में पानी को आने से रोक नहीं सका!

    मैं: फक चाची, आप क्या सेक्सी लग रही हो इस ड्रेस के अन्दर तो.

    वो शर्मा के बोली: रहने दे तू ऐसे ही जूठ मुठ बोलता हे!

    मैं: चाची कसम से अगर आप सिंगल होती तो पक्का मैं आज ही आप को प्रोपोस कर देता, आप के जैसी हॉट, क्यूट और अनुभव वाली औरत भला मुझे कहा मिलेगी!

    चाची: बस कर अब तेरी तो आलरेडी एक गर्लफ्रेंड हे.

    मैं: अरे नहीं किसने कहा आप को. मैं तो आप के जैसी गर्लफ्रेंड की तलाश में हूँ. कसम से.

    चाची: अच्छा जी!

    मैं: हां चाची, बोलो आप को बनना हे मेरी गर्लफ्रेंड!

    चाची: बस करो तुम एकदम सठिया गए हो यार.

    मैं: चाची मैं एकदम सिरियस हूँ मजाक में नहीं कह रहा हूँ. क्या आज रात को आप मेरे साथ डेट करेंगी!

    और ये कह के मैं अपने घुटनों को ऊपर बैठ या.

    चाची शर्मा के बोली: अच्छा बाबा ठीक हे चल.

    मैं उठा और मैंने चाची को पहले तो बाहों में भर लिया और फिर उसके गालों के ऊपर किया कर के उसे कहा, मैं अपनी जान की कार के पास वेट करता हूँ.

    चाची को ले के मैं क्लब चला गया. वहां पर बड़ी भीड़ थी जैसे की मैं चाहता भी था. मैंने और चाची ने साथ में मिल के शराब पी ली और फिर उसने भी शरम को छोड़ दिया. मैं तो थोडा होश में था लेकिन चाची तो पूरी टल्ली सी हो चुकी थी. और शराब के नशे में वो अपनी दुखी कहानी कहने लगी मुझे. उसकी बातों से मुझे पता चला की चाचा चाची को सही टाइम नहीं दे पा रहे थे और इस वजह से उनका सेक्स लाइफ अब उतना इंटरेस्टिंग नहीं आहा था. ये सब सुनके मैं अन्दर से खुश हो रहा था क्यूंकि अगर वो खुश होती अपने पति से तो बहार के लंड थोड़ी ना लेती.

    मैं सविता चाची को ले के डांस फ्लोर पर चला गया. चाची शराब के नशे में टल्ली होने की वजह से नाच नहीं पा रही थी और बार बार लुडक सी रही थी. मैं ऐसे में सविता चाची के बदन का पूरा मजा ले रहा था. धीरे धीरे मैं उसकी गांड और चुचियों को दबाने लगा और वो धीरे धीरे से अह्ह्ह श्ह्ह्ह करने लगी थी. मैं बहुत एक्साइट हो चूका था. और मैं वहां पर कोई सिन नहीं करना चाहता था तो मैं जल्दी से चाची को ले के आर पर आ गया.

    घर पर उस वक्त कोई नहीं जाग रहा था. निचे के कमरे में दोनों बच्चे सो गए थे. और किचन के पीछे के कमरे में नोकर रामुकाका. मैं चाची को ले के ऊपर के फ्लोर में बेडरूम में गया और अन्दर जाने के बाद मैंने कमरे को बंद कर दिया. मैं नहीं चाहता था की चाची होश में आये तो मैं एक बोतल ले के आ गया शराब की और फिर से हम दोनों साथ में पिने लगे. चाची अब एकदम हाई हो गई थी नशे के अन्दर. मैंने अब चाची को गले लगा के उसे समझाया की लाइफ में ये सब चलता हे. और उस वक्त भी मेरा लंड खड़ा ही था.

    चाची का ड्रेस आलरेडी बहुत ऊपर आ चूका था. और चाची को ऐसे देख के मेरा लंड भी एकदम तनतना सा गया था कपड़ो के अन्दर ही. और मेरा लंड चाची के पेट के ऊपर टच हो रहा था. फिर मैंने थोड़ी हिम्मत कर के उनको गालों के ऊपर किस किया और फिर धीरे से किस करते हुए मैं चाची के होंठो के ऊपर आ गया. चाची ने भी रिस्पोंस दिया और मेरे बाल नोंचने लगी. दो तिन मिनिट के बाद वो मुझे धक्का दे दी. मुझे कुछ समझ में नहीं आ रहा था. वो बोली.

    चाची: नहीं ये गलत कर रहे हे हम दोनों आशीष, तुम मेरे बेटे जैसे हो!

    मैं: अरे बेटे जैसा हूँ बेटा थोड़ी हूँ. प्लीज़ चाची मैं आप को बहुत पसंद करता हूँ. हर समय आप का ही ख्याल रहता हे मुझे. मैं आप को सच में बहुत प्यार करता हूँ और आप को सिर्फ एक बार संतोष देना चाहता हूँ. और आप डीसर्व भी करती हे. आप सच में बहुत ही सुंदर हो चाची.

    और ये कहते हु मैं फिर से चाची के करीब हो गया.

    और फिर मैंने चाची को फिर से किस करना चालू कर दिया. लेकिन इस बार किस बड़ा ही मीठा और इंटेंस सा था. बाप रे चाची के लिप्स कितने सेक्सी थे. वो मोअन करने लगी थी. मैंने अपने हाथ को पीछे उसकी कमर पर रख के उसे अपनी तरफ खिंचा गांड से पकड़ के. वो अह्ह्ह अश्हिह्श्ह्हह अह्ह्ह्ह जैसे मोअन कर रही थी.

    हम दोनों ने अपने लिप्स को 10 मिनिट जितने लोक किया. और फिर मैंने चाची के वन पिस स्यूट को अनजिप कर दिया और कुछ देर में तो मेरी सेक्सी सविता आंटी मेरे सामने सिर्फ ब्रा और पेंटी में खड़ी हुई थी!

    मैंने उसे अपनी बाहों में उठा के बेड के ऊपर डाला और खुद उसके ऊपर चढ़ गया. अब उन्होंने भी मेरे शर्ट को खोल के फेंक दिया और वो बोली, आशीष अब जल्दी से मुझे दे दो अपना लंड! चाची को लंड चाहिए मुझे के अन्दर.

    सविता आंटी के मुहं से ऐसे सुन के बड़ा ही मजा आ गया मुझे तो.

    चाची ने मेरी पेंट और चड्डी निकाल फेंकी. और फिर उसने मेरे कडक और मोटे लंड को पहले अपने हाथ में पकड के हिलाया और बोली, आशीष बाप रे तुम्हारा लंड तो कितना मोटा और लम्बा हे. चाची के मुहं में डालोगे ना?

    और ये कहक इ सविता आंटी ने मेरे लोड़े को अपने मुहं में भर के चुसना चालू कर दिया. चाची ऐसे सेक्सी ढंग से लंड को चूस रही थी की मजा आ गया मुझे तो. मैंने चाची के बालों को खिंचा और उसे कहा, चूस साली चूस और चूस अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह और अंदर ले मेरे लोडे को अह्ह्ह क्या मस्त चुस्ती हे तू रंडी के जैसे!

    और ऐसे ही कहते हुए मैंने अपने लंड के पानी को चाची के मुहं में छोड़ दिया. कुछ वीर्य की बुँदे निकल के चाची के होंठो पर भी लगी हुई थी. वो चिप रंडी के जैसे मेरे सब माल को पी गई. उसे तो और भी मुठ पीना था जैसे तभी तो वो मेरे लौड़े को निचोड़ निचोड़ के एक एक बूंद को चाट रही थी.

    उसने लंड को चुसना खत्म किया फिर मैंने उसे अपनी तरफ खिंच के उसके पुरे बदन के ऊपर चुम्मे चालू कर दिए. वो चीख रही थी, चोदो मुझे आशीष, अब मैं लंड लेना चाहती हूँ अपनी चूत के अन्दर.

    मैंने चाची की ब्रा को निकाला और उसके बड़े बूब्स के साथ खेलने लगा. मैं चाची के हॉट बूब्स को जोर जोर से दबा रहा था और वो सिसकियाँ ले रही थी.

    मैं सविता आंटी के होंठो को चूसने और काटने लगा.

    मैंने उसे और थोड़ी देर तक तडपा के एकदम गरम कर दिया. और जब वो चुदास की आग में सुलग रही थी और ऑलमोस्ट रोने लगी थी लंड लेने के लिए तब मैंने निचे उसकी पेंटी को हटाई. चाची का बुर कितना मस्त था यार, एकदम पिंक और क्लीन शेव्ड. मैंने अपने मुहं से चाची के बुर को चूसने का चालू कर दिया और सविता आंटी और भी तडपने लगी.

    कुछ देर बाद ऐसे ही तडपते हुए वो बोली, आशीष अब और मत तडपाओ मुझे, मेरी चूत अब लंड मांग रही हे और तुम हो की बस चाट ही रहे हो!

    मैंने सविता चाची की टांगो को खोला और अपने लंड को लगा दिया उसके ऊपर. चाची ने कहा, डाल दे अंदर और बुझा दे इसकी सब प्यास को आज. आज अपनी चाची को अपनी रंडी और गुलाम बना दे.

    जैसे ही मेरे लंड का धक्का अन्दर लगा और लोडा अन्दर घुसा तो चाची के मुहं से चीख निकल पड़ी, अह्ह्ह्हह्ह अह्ह्ह्हह्ह यह्ह्हह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह काफी बड़ा ह्हेह्ह्ह्हह्ह्ह अह्ह्ह्हह, चोदूऊऊऊऊऊ अह्ह्हह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह!

    मैं बड़ी जल्दी से अपने लोडे को चाची के बुर के अन्दर बहार करने लगा और वो तडप रही थी.

    वो हिल हिल के ले रही थी और मैं अपनी इस प्यासी आंटी को जोर जोर से धक्के दे के पेल रहा था. सविता आंटी को लंड से चूद के मज़ा आ गया. पूरी 20 मिनिट की चुदाई में वो 2 बार झड़ गई मेरे लंड के ऊपर ही. और फिर मैंने भी अपने लंड का पानी उसकी चूत में छोड़ के बाहों में ले लिया उसे. बुर में शांति हुई तो वो सो गई और मैं भी नंगा ही उसके साथ सो गया.

    दोस्तों इस दिन के बाद सविता आंटी मेरी बन के रह गई. जब भी चाचा घर पर ना हो तब वो मेरे लंड से अपनी चूत को चुदवाती हे!
     
Loading...

Share This Page



মা খালা কাকি ফুফুকে একসাথে চুদা চটিBengali Choti Golpoআপু ও মাকে চুদার গল্পসুমিকে চুদিদেও ভাইয়া জোরে দেও চটি গল্পকামিজ চটি বুড়ি মহিলার চটিமதினியுடன் குளிக்கும் காமக் கதைகள்माझी पुची फाडलीमित्र ची सेक्सी आंटीबरोबर झवलोদাদা কে জোর করে চোদার গল্পচোর চটিশ্বশুর নিপল চুষে চটিমাসিমা চটিগুদু সোনা আম্মি চোদাಸರಸಕ್ಕೆ ಸರಳ ಸೆಕ್ಸ್ ಕತೆpeariyamma vithaivai kamakathaikalচটি অচেনা মহিলাमित्र ची सेक्सी आंटीबरोबर झवलोনতুন বউকে চটিOdiasexstorisமாமானர்.மருமகள்.சேலைக்குள்.இன்ப.கதைகள்অসমীয়া মা চুদা চেক্ম কাহিনিবউ চুদা গল্পচটি গল্প- দিদি কিচ వదిన పూకు పిర్రలుShami stri choti golpoনটি পড়ার নটি চুদা চটিஅக்கா காம வெறிমামা বিদেশে এমন মামির গুদ মারার কৌশলಚಿಕ್ಕಪ್ಪನ ತುಣ್ಣಿবাবা আমাকে চুদলোআপুর লালা ভোদা চটিलवडा चोकणे Tamil sex nude kamakathaikal meenacompany m.d vappatti tamil sex story বোনের সামি আমাকে চুদে मम्मी की गैंग बैंगகூதி கெழுப்புஅம்மா அப்பா காம கதைகள்আমার বান্ধবিকে চুদলাম ব্ল্যাকমেল করেচুদার গল্প ভাবিকেকচি মেয়ের চটিஉள்ள விட்டு குத்து டா காமம்అమ్మ కోడుకు దెంగుడు కథలు తెలుగుஅம்மா புண்டை நக்குআপুর সাথে রুমানটিক ভালবাসা ও চুদাভোদার শক্তি কতதமிழ் ஆண்டி பாவாடை தூக்கி பார்বাংলা চটি তুই করতে পারবি তোதமிழ் உடல் உறவு கதைகள்x forum marathi storySukha koduva aunty phone numbermom gangbang stories hindiফারজানাকে পাচা চুদেগুদ নিয়ে খেলাஉம்பிட்டுபுண்டை பீசாBangla choti xxx কাজের মেয়েকে চদামামাতো বোনের সাথে লেপের নিচে চুদা খেলামবড় দুধ দেখে সুযোগ বুঝে টিপা চটি গল্পஅன்னியும் தம்பியும் செக்ஸ் வீடியோमेरे पति ने दिलाया मोटा लौड़ाফেমডম কাহিনিVidhwa ki chut chudai hindi sex story comente makante sathanam kanduজোর করে পোদ দিয়ে সুদাদিদিকে রাম চুদামামী ও চাকর চটিलोकाची बाई झवलीমায়ের গণচোদনমায়ের গুদ ঠাপানোমুসলিম লোককে দিয়ে চটিଉଚ୍ଚତା ନାରୀbanglachoti বউকে চূদলো আদিবাসী রুনাবৌদীচটি গল্প মার আর দাদুমাগি চটি গল্পমোটা চাচিকে চুদতে মোজাবাংলা চটি বড় আপুর পোদ জোর করে চোদাलवडा दिसलाঢাকা অফিসে চোদার চটিপেনটির গলপোবিধবা মহিলাকে চোদা চটিবৌদি আর ভাইয়ের চোদাচুদির গল্পবিধবা মায়ের দুধ কামড়ানোর চটিকনডম ছাড়া মহিলা চুদতে দিবে না বল্লXপিক