किचन में भतीजी चुद गई

Discussion in 'Hindi Sex Stories' started by 007, Aug 31, 2017.

  1. 007

    007 Administrator Staff Member

    Joined:
    Aug 28, 2013
    Messages:
    138,639
    Likes Received:
    2,192
    //krot-group.ru loading...

    हाई दोस्तों मेरा नाम अनिल हैं, मेरी उम्र 28 साल है और मैं दिल्ली का हूँ..मेरी नोकरी लग गई और मुझे उसके लिए उदयपुर जाना पड़ा, उदयपुर में मेरे दूर का भाई समीर रहेता था जो मेरे से 15 साल बड़ा था. मैंने उदयपुर जाने से पहेले ही उसे फ़ोन कर दिया था और वोह मुझे स्टेशन लेने भी आया था, जब तक कोई और इंतजाम ना हो मैंने उसी के घर रुकने का सोचा था. स्टेशन पर वोह अपनी लड़की अनमोल के साथ आया था. अनमोल बहुत ही मांसल और सुंदर थी, उसका एक एक स्तन जैसे की ठांस ठांस कर कपड़ो में भरा हुआ था, मैंने उसे 10 साल पहेले जब वोह 10 साल की थी तब देखा था, तब वोह एक बच्ची थी और अब बच्चे पैदा करने कको तैयार ! मेरा लंड उसे देख कर पहेली नजर में ही खड़ा हो गया. kitchen me bhatiji chud gai, chudai Chodan . Hindi Sex Stories, Indian hindi Sex Story, Hindi Font Sex Stories, Desi Chudai Kahani, Free Hindi Audio Sex Stories, Hindi Sex Story, Gujarati sex story, chudai

    loading...

    मुझे समीर के घर ठहरे एक हफ्ता हो गया था, अनमोल से मैंने आँखमिचोली कब से चालू कर दी थी और वोह भी जब मुझे उपर मेरे कमरे में खाना देने आती या पानी का जग देने आती तो तिरछी नजरो से देखती थी. अक्सर शाम के वक्त मैं लंगोट की साइज़ के बरमूडा में ही होता था और उसके आते ही लंड बरमुडे का आकार ऊँचा कर देता था. एक दिन हमारे बोस की बीवी की बर्थ-डे थी और ऑफिस का सभी स्टाफ पार्टी में जानेवाला था इसलिए बोस ने सभी को तैयार होने के लिए लंच के वक्त ही छोड़ दिया, मैं घर आ गया और देखा की समीर और साधना भाभी दिखाई नहीं दे रहे थे. मैंने अनमोल को तभी बरामदे पर अपने बाल झटकते देखा, वह अपनी नीली नाईटी पहने बाल को टुवाल से झटक रही थी और शायद अंदर ब्रा नहीं पहेनी हुई थी इसलिए उसके मांसल स्तन इधर उधर हो रहे थे, मेरा लंड उबलने लगा. मैं कुछ कहूँ उसके पहले ही अनमोल बोली, मम्मी डेडी शांतानु अंकल के वहाँ गए है और रात को लौटेंगे. मेरे दिमाग में अनमोल की चुदाई की योजना तभी बनने लगी और मेरा लंड पेंट में करवटे लेने लगा.

    मैं मनोमन अनमोल की चूत को लेने की योजना सोचते हुए अपने रूम में जूते और कपडे निकाल रहा था, मैं अपने कपडे उतार अपनी चड्डी में खड़े हुए अनमोल के बारे में ही सोच कर अपने लंड के उपर हाथ फेर रहा था, मेरा लंड मांसल हुआ पड़ा था और हाथ फेरने से मजा आ रही थी. तभी रूम का दरवाजा धम से खुल गया और अनमोल वहाँ पानी का ग्लास लिए खड़ी थी, मैं जैसे ही दरवाजे की तरफ पलटा मैंने देखा की अनमोल की नजर मेरे खड़े हुए लंड पर ही थी, उसके मुहं से हंसी निकल गयी और वह ग्लास मेज पे रख के निचे चली गई, पहेले तो मुझे लगा की वह डर गई लेकिन फिर मैंने सोचा की उसकी हंसी बहुत शरारती थी, मैंने अपना मोबाइल निकाला और बोस को फोन किया की मेरे भैया की तबियत ख़राब है इसलिए उन्हें ले कर अस्पताल जा रहा हूँ, मुझे आज कुछ भी कर के अनमोल की चूत में अपने मांसल लंड के झंडे गाड़ने थे. मैं निचे आया और देखा की अनमोल किचन में खाना गर्म कर रही थी मैं किचन में घुसा और मैंने देखा की अनमोल अब भी दांतों में मुस्कुरा रही थी, मैंने बेसिन में हाथ धोने के बहाने बिलकुल उससे सट के लंड उसकी गांड पर अड़ा दियां और हाथ धोए, अनमोल ने पलट कर मेरी तरफ देंखा और मैं उसे स्मित दे रहा था, वह भी हंस पड़ी. फिर क्या, अब तो सिग्नल मिल गया था मुझे, केवल सही पटरी पर चलना था बस. मैंने अनमोल को कहा अनमोल खाने में क्या बनाया है. अनमोल बोली, भिंडी और रोटी, मैं हंसा और बोला मुझे कभी रोटी बनानी नहीं आई और अब तो अच्छा रूम मिल गया तो खाना मुझे ही बनाना है कुछ दिनों में, अनमोल बोली कोई बात नहीं मैं आपको सिखा दूंगी बाद में. मैंने कहा बाद में क्यूँ आज ही सिखा दो, में रोज रोज थोड़ी ऑफिस से जल्दी आता हूँ.

    अनमोल अभी भी होंठो को दबाये मुस्कान दे रही थी, वह हां या ना कहे उसके पहेले मैंने अपने शर्ट की बाएं चढ़ाई और मैं प्लेटफोर्म के पास जाके खड़ा हुआ, मैंने अनमोल के हाथ से बेलन लिया और चोकी पर रोटी बेलने लगा, मुझे वैसे रोटी बनानी आती थी, बस मैं अनमोल को घास डाल रहा था. अनमोल बोली ऐसे नहीं, लाओ मैं बताती हूँ, मैंने कहा मेरे हाथ यही रहेने दो और बताओ. अनमोल ने बेलन के उपर रहे मेरे हाथ पर अपने हाथ रखे, उसके कंपन दे रहे हाथ उसकी जवानी में आई गरमावट के आसार दे रहे थे. उसके बड़े चुंचे मेरे कमर से लड़ते थे और मेरा लंड इधर बोखलाता जा रहा था. उसने मुझे रोटी बेलवाई पर मैंने इस दौरान कितनी बार उसकी उँगलियाँ दबाई और उसे अपने इरादे इसके द्वारा स्पष्ट कियें. अनमोल ने ऊँगली हटाई नहीं और मैं समझा के वह भी लंड खाने को तैयार है. मैने कहा अनमोल तूम आगे आओ, मैं देखता हूँ पीछे से.

    अनमोल आगे आ गई और मैंने पीछे से बेलन को पकड़ा, मेरा तना हुआ लंड उसकी गांड से दूर था, लेकिन मैं बिच बिच में बेलन घुमाने के बहाने अपने लंड को उसकी फेली गांड से टकरा देता था, मैंने देखा की अनमोल की साँसे अब तेज हो चली थी और जब में लंड उसकी गांड से टकराता तब उसके होंठ कितनी बार दांतों के निचे जाते थे. मैं एक कदम आगे बढ़ा औ मैंने अब लंड उसकी गांड पर टिका दिया बिना पीछे लिए, उसकी गांड से मेरा लंड बिलकुल मस्त टच हो रहा था क्यूंकि उसने शायद अंदर पेंटी नहीं डाली थी. अनमोल बोली, चलो खाना निकाल दूँ, आपको. मैंने कहा अनमोल, आज मेरे कुछ और ही खाने की इच्छा है..अनमोल हंस पड़ी और बोली क्या खाओगे चाचा, मैंने कहा जो आप प्यार से खिला दे भिंडी के अलावा.अनमोल फिर हंसी. मैंने अपना हाथ आगे किया और उसकी कमर के उपर रख दिया, अनमोल की आँखे बंध हुई और वह सिसकारी लगाने लगी. मेरे हाथ अब तेजी से चल रहे थे और मैंने उन्हें उपर लेकर अनमोल के मांसल चुंचो को सहेलाना और दबाना चालू किया, अनमोल मुझे पीछे धक्के दे रही थी और यह जताना चाहती थी की उसे कुछ नहीं करना है अपर उसके स्तन के कड़े हुए निपल्स और उसकी बढ़ती साँसे उसकी गर्मी का बयान कर रही थी. मैंने अपने दोनों हाथ अब उसके चुन्चो पर रख दिए और लंड भी उसकी गांड में कपड़ो के साथ ही घुसाने लगा. एकाद मिनिट लंड उसकी गांड पर लगाते ही अनमोल भी अब बेबस हो गई और अपना हाथ पीछे कर के मेरे लंड को सहलाने लगी.

    मैंने अब बिना वक्त गवाँए अपने कपडे उतारने शरू कियें, अनमोल ने जैसे ही मेरे 8 इंच मांसल लंड को देखा वह ख़ुशी से झूम उठी और मेरे लंड को हाथ लगा कर खेलने लगी उसके कोमल हाथ में मेरा लंड मजे से खेलने लगा. मैंने भी अनमोल के कपड़े अब एक एक कर के दूर करने शरू कर दिए और उसके मांसल भरे हुए चुंचे मेरा लंड उठाने लगे, मैंने उसके चुन्चो को अपने दोनों हाथो में लेकर सहेलाना और दबाना शरू कर दियां, अनमोल अब भी सिसकारियाँ ले रही थी. थोड़ी देर में हम दोनों बिलकुल नग्न हो गए और मेरा लंड अनमोल के भरपूर मांसल शरीर को देख और भी तन रहा था. मैंने अनमोल को उठा के किचन के प्लेटफोर्म पर बिठा दियां और उसकी टांगे खोल दी उसकी बिना बाल वाली चूत मस्त सेक्सी लग रही थी. मैंने धीमे धीमे उसके चूत के ऊपर हाथ फेरा और धीमे से एक ऊँगली अंदर सरका दी, अंदर इतना पानी निकला था की मेरी ऊँगली पूरी भीग गई, अनमोल की चुदाई का ख़याल मेरे लंड को हिलाने लगा. मैंने धीमे से अनमोल की नाभि पर जीभ लगाईं और धीमे धीमे जीभ को निचे लाता गया और उसकी चूत के होंठो को अपनी जीभ से संतृप्तता देने लगा, अनमोल मेरे बालो को नोंचने लगी और उसके मुहं से बहुत ही सिसकारियाँ निकलने लगी.ओह होऊ ओह आआह्ह्ह.आहा.मैंने उसके मांसल चूत पर जीभ फेरना चालू ही रखा. दो मिनिट की चुसाई के बाद मैंने जीभ निकाली और अनमोल को निचे बैठाया और उसके मुहं में अपना मांसल लंड दे दिया, अनमोल केन्डी खा रही हो वैसे लंड को चूसने लगी. मेरा लंड मैं उसके गले तक घुसाने की कोशिश कर रहा था पर लंड के मांसल होने की वजह से वह अंदर तक जा नहीं रहा था.


    अनमोल और मैं दोनों अब ओरल सेक्स से संतृप्त होने लगे थे और अब हम दोनों को भी सही देसी चुदाई का मजा लेना था, मैंने अनमोल को वही प्लेटफोर्म पर लेटाया और उसकी टांगे निचे रखी, अनमोल की मांसल चूत मेरे लंड के पास ही पड़ी थी. मैंने एक झटका दियां और इस सेक्सी योनी में अपना लंड पूरी तरह घुसेड दिया, अनमोल के मुहं से चीख निकल पड़ी..ओह मम्मी मार डाला..मैंने अपना हाथ उसके मुहं पर रख दिया और लंड को बिना हिलाए उसकी चूत में ही रहेने दिया. एकाद मिनिट के बाद उसकी चूत एडजस्ट हो गई और मैंने धीमे धीमे अनमोल की चुदाई चालू कर दी. अनमोल भी अब लंड से एन्जॉय करने लगी थी और उसने भी अपनी बड़ी गांड उठा उठा के मुझ से चुदवाना चालू कर दिया. वोह अपनी गांड आगे पीछे कर के मांसल लंड को पूरा अन्दर लेने लगी मैंने भी उसके चुंचे, गर्दन, कंधे और पेट पर किस देते हुए उसकी चुदाई 10 मिनिट तक चालू रखी. अनमोल की चूत अब झाग निकालने लगी थी और यह झाग मेरे लंड के उपर आ रहा था, अनमोल ने मुझे कस के पकड़ा और मैं समझ गया ककी वह झड चुकी है. मैंने अब अपने झटके और भी तेज कर दिए और उसकी मस्त चुदाई जारी रखी, 2 मिनिट के बाद मेरे लंड ने भी पानी निकाल दिया और हम दोनों वहीँ प्लेटफोर्म पर चिपक के पड़े रहे..

    फिर तो यह चुदाई का सिलसिला एक साल तक जारी रहा.मैंने वही उनके घर के करीब एक रूम रख ली ताकि अनमोल वहा आ जा सके..कभी कभी उसके मम्मी डेडी घर ना होने पर मैं उसके घर जा के भी उसकी चुदाई कर देता था

    धन्यवाद .

    आपको यह कहानी कैसी लगी ? अपने कमेंट्स मुझे ईमेल करे.ch(गर्ल्स, भाभी और आंटी मुझे बिना संकोच के पर्सनली ईमेल कर के अपनी प्रोब्लेम्स बता सकती है और अपनी कहानी भी मुझे इमेल के द्वारा शेयर कर सकती है)

    loading...

    और भी मजेदार और हॉट एंड सेक्सीकी अपडेट पाने के लिए हमें औरपर LIKE करे। नीचे दिए बटन को और इस
     
Loading...

Share This Page



কাকি রি বোদাpichaikari pundai kilintha kathaiআস্তে কর ফেটে গেছেমাঝরাতে চুদার কথামায়ের পেটিকোট তুলে গুদ চোষার চুটি গল্পmanaiviyai otha tamilsex Storiesaahh bhaijanবাংলা চটি পাশের গ্রামের মেয়েদের সাথেভাগিনাকে ফাদে ফেলে চোদা খেলামমা পাছা চুদবোভোদার গর্তjangal me chudai kahaniখালার গোসল দেখলাম চটি XXXதமிழ் காமக் கதைகள் ஐயோ அய்யோ டேய்পাগল করা চুদা চটিকলেজের একটি ছেলে একটি মেএকে ছাদে নিএ গিএ জোড়ে জোড়ে দুধ টেপে ও%চুল চোদার গল্পపిన్ని పిన్ని కుతురు తొ సెక్స్பொச்சு பெருசுதமிழ் வயசுக்கு வராத காமக்கதைবাংলা হট মেয়েদের ভোদায় সেক্স চটি গল্পஆண்டி முலை காம்பு காமகதைஆயிஷா அம்மா தமிழ் காம கதைচটি টয়লেটে যাapu ke chudaবরো "দিদির" গোসল দেখা দুধহাসপাতাল চোদাআপা চটি বাড়িPundai nakkuvathu চোদন ঠেলাছাত্রী ও তার মাকে একসাথে চুদার গলপবিধবা মাগী চুদার মজায় আলাদা চটিमी मजा वगाँतला पोरीला झवलेঅসমীয়া ছোৱালীৰ চেকচ দাদাৰ লগতತುಲ್ಲನ್ನು ನೆಕ್ಕುತ್ತಾमाँ ने चुदाई करते पकङाহিন্দু কামকি চটিஆண்டிபுண்டைtamil desi enna nadakthu intha veetil storyBasor rater sex er golpoపిన్ని పూకు జుర్రుకున్నমা ও স্যারের চুদাচুদি চটিওগো চোদআপু বলল কি ধন নাড়াচাড়া করছিস কেনো চোদাஇது ஒரு இன்செஸ்ட் கதைDingi yogam telugu sex storiesস্যার মাকে চোদাচুদি গল্পತಂಗಿಯ ತುಲ್ಲಿಗೆপাছা গলপচট্টি গল্পபூஜா.xossipy.காமகதைകൂതിയിൽ നിന്ന് തീട്ടം കമ്പി കഥledki naa jankar koyi ake rep kare neked xxxমামা আর আমি মিলে মামীকে চুদলামhot aakka buthukathaluഇൻസെസ്റ്റ് കഥകൾরুপার চুদার চটিPundai thirappuvila kamakathaikalচুদে বউকে নাযেহালபள்ளி அண்ணன் காமக்கதைகள்বড় বড় দুধের চটি নগ্ন ছবিবাংলা চটি বাবা আমার প্রথম পুরুষরক্ত পড়ছে গুদ থেকে চটি গল্পகுடும்ப பெண்ணின் ஓழ் கதைகள்assamese sex story biyar prothom ratiনিজের ছেলেকে দিয়ে চুদালামদিদির সাথেই যৌন কাহিনীআপু সাথে সেক্স চটিஅன்னி கூதியபார்த தம்பி கதைகல்chudakad chachi ki gurup xxx khani