वाइफ़ स्वैपिंग की चाहत में दो दीवाने-3

Discussion in 'Hindi Sex Stories' started by 007, Sep 23, 2016.

  1. 007

    007 Administrator Staff Member

    Joined:
    Aug 28, 2013
    Messages:
    138,639
    Likes Received:
    2,204
    //krot-group.ru

    loading...
    ​

    मैं रोमांचित भी बहुत थी, 7 लोग मेरे आस पास बैठे मेरे नंगी होने का तमाशा देख रहे थे, और देखने वाली बात यह कि मुझे खुद नंगी होकर उनको अपना तमाशा दिखाना था।

    यह कहानी निम्न शृंखला का एक भाग है:



    हैलो दोस्तो, इस पहले इसी कहानी के दो भागों को पाठकों ने बहुत पसंद किया और मिस्टर राज गर्ग ने मुझे इसका एक और भाग लिखने को कहा। मैंने इस बार उनकी बजाए उनकी पत्नी का नज़रिया आपके सामने रखने की कोशिश की है। उम्मीद है आपको पसंद आएगी। Desi Chudai Kahani, Free Hindi Audio Sex Stories, Gujarati sex story, Hindi Font Sex Stories, Hindi sex kahaniya, Hindi Sex Stories,Hindi Sex Story, Indian Hindi sex stories, Indian Sex Stories,Lesbian Sex, wife swapping, अंग प्रदर्शन, गैर मर्द, चुदास, दोस्त की बीवी,नंगा बदन, बीवी की अदला बदली, वाइफ़ स्वैपिंग

    हैलो दोस्तो, मेरा नाम सीमा है, मैं तीस साल की एक शादीशुदा औरत हूँ।
    मैं और मेरे पति शुरू से बहुत खुले विचारों वाले रहे हैं। इसी लिए जब उन्होंने मेरे सामने एक वाइफ़ स्वपेर्स क्लब जॉइन करने की बात रखी तो मैं भी मान गई।
    पहली क्लब मीटिंग में क्या हुआ, कैसे हमारा परिचय हुआ, यह तो आप पढ़ ही चुके हैं, अब मैं आपको सुनाती हूँ दूसरी मीटिंग में क्या हुआ। खास तौर पे मेरे साथ क्या क्या हुआ, वो सुनिए।

    क्लब की दूसरी मीटिंग हुई।
    अब क्योंकि क्लब की कार्यविधि मुझे समझ में आ गई थी तो मैं इस बार खास तैयारी से गई।
    मीटिंग में जाने से पहले मैंने अपनी पूरी बॉडी को वेक्स करवाया, ताकि मेरे जिस्म पे एक भी बाल न रहे, बड़ी अच्छी तरह से अपने नीचे के बाल भी साफ किए, चेहरे का फुल फेशियल, हाथ पाँव की मेनिक्योर पेडिक्योर, फुल मेकअप, जैसे किसी शादी में जाना हो, ऐसी तैयारी करके गई।

    loading...

    जब घर से निकलने लगे तो गाड़ी में बैठते हुये राज बोले- लगता है आज की पार्टी तो तुम ही लूट ले जाओगी।
    'अजी रहने दो, पिछली पार्टी में तो आपने मुझे देखा भी नहीं, किसी और के साथ ही लगे रहे!' मैंने थोड़ा सा शर्मा के कहा।
    'अच्छा तभी इस बार तैयारी इतनी जोरदार है कि पार्टी के सभी मर्द सिर्फ सरकार को ही देखें, और किसी को नहीं?' राज ने एक और जुमला कहा।

    इसी तरह हँसते हँसाते हम पार्टी के लिए निर्धारित स्थान पर पहुंचे।
    यह पार्टी बंसल जी ने एक लाउन्ज में रखी थी।
    खाने पीने का सब सामान आ चुका था, सिर्फ ग्रुप के मेम्बर ही अंदर थे और बाहर का कोई भी आदमी नहीं था।
    सबसे पहले सबने अपने अपने मोबाइल फोन निकाल के एक जगह रख दिये, उसके बाद सब अपने अपने हिसाब से बैठ गए।
    अब अपनी ही पार्टी थी तो सब खुद ही एक दूसरे को ड्रिंक्स और खाने का समान सर्व कर रहे थे।

    मैं अपने पति और दो और मर्दों के साथ खड़ी बातें कर रही थी।
    तभी एक साहब आए, मेरे पति से हाथ मिलाया और बोले- हैलो सर, क्या हाल चाल हैं आपके?
    मेरे पति ने भी उनसे हाथ मिलाया और अपना हाल चाल बताया।

    वो साहब फिर बोले- मिस्टर राज, अगर आप बुरा न मानें तो क्या आज मैं आपकी पत्नी को अपनी पार्टनर बना सकता हूँ?
    राज ने मेरी तरफ देखा और मैंने राज की तरफ!

    अभी हमने कुछ कहा भी नहीं कि तभी मेरे पास खड़े एक सज्जन ने मेरी कमर में हाथ डाला और बोले- अरे नहीं यार, आज तो ये मेरी पार्टनर बनेंगी।
    जिन्होंने मेरी कमर में अपना हाथ डाल रखा था, साड़ी की साइड में से मेरे नंगे पेट पे हाथ फिरा के बोले- तो क्यों न आज हम सब मैडम को अपना पार्टनर बना ले और हम सब की मैडमज़ इनके साहब को अपना पार्टनर बना लें, एक तरफ 4 मर्द और एक औरत और दूसरी तरफ 4 औरतें और एक मर्द. क्या ख्याल है?

    मैं तो सुन कर ही घबरा गई कि अगर ये सब मुझे चोदने लगे तो मेरा तो बैंड बजा देंगे।
    मेरे चेहरे की परेशानी देख कर क्लब के प्रधान साहब बोले- अरे नहीं यार, लड़की का भी सोचो, ऐसे करते हैं कि खेलेंगे सब इसके साथ मगर सेक्स जिसके मर्ज़ी साथ करो, सारे के सारे मर्द इस बेचारी की मारने लगे तो इसकी तो माँ चुद जाएगी।

    प्रधान साहब की बात सुन कर सब हंस पड़े, पहली बार मुझे किसी का गाली देना बुरा नहीं लगा और मुझे उनकी गाली में भी अपने लिए संरक्षण नज़र आया।
    फिर प्रधान साहब ने मुझसे पूछा- सीमा, तुम खुद बताओ, एक बार में तुम कितने मर्दों से चुदवा सकती हो?

    मेरे तो रोम रोम खड़े हो गए, बड़ी मुश्किल से बोली- दो या तीन.?!?
    'तो ठीक है बस.' प्रधान साहब बोले- सेक्स सिर्फ कोई 3 लोग ही करेंगे, बाकी लोग कुछ और कर लेंगे।
    'कुछ और?' मैंने कहा, मुझे डर लगा कि कहीं मेरी गांड न मारने लगें।

    प्रधान साहब ने मेरी ठुड्डी को पकड़ा और बोले- घबराओ मत, कुछ और क्या है, जल्द ही जान जाओगी, मगर कुछ भी ऐसा नहीं होगा, जिस से तुम्हें कोई तकलीफ हो या फिर तुम्हें पसंद नहीं आए।

    ड्रिंक्स का दौर तो चल ही रहा था, और करीब करीब सबने पी, किसी ने थोड़ी किसी ने ज़्यादा। मगर मैंने देखा कि मर्द मेरे ही आस पास मंडरा रहे थे, मैं नई जो थी, मुझे डर भी लगा के आज तो पक्का ये सब चोद चोद के मेरी चूत को छील देंगे।

    फिर प्रधान साहब बोले- लेडीज एंड जेंटल्मन, प्लीज़ अपने अपने पार्टनर चुनिये और मज़े कीजिये, यहाँ से पार्टी नग्न होती है।
    उनकी बात सुन कर सब अपने अपने कपड़े उतारने लगे, मैंने भी अपनी साड़ी के कंधे से ब्रोच खोला, तो एक साहब बोले- अरे ऐसे नहीं, प्लीज़ रुकिए, जेंटलमन, कैसा लगे अगर हम सब बैठ कर देखें और ये मैडम अपने कपड़े उतार कर हमें दिखाएँ?

    सबने ताली बजा कर समर्थन किया, सब मर्द औरत अपने कपड़े उतारने छोड़ कर मेरे आस पास आ कर नीचे कार्पेट पे ही बैठ गए, और मैं सब के बीच खड़ी थी।
    'चलिये मैडम अब शुरू कीजिये!'

    सच में मुझे बड़ी शर्म आई, मगर मैं रोमांचित भी बहुत थी, 7 लोग मेरे आस पास बैठे मेरे नंगी होने का तमाशा देख रहे थे, और देखने वाली बात यह कि मुझे खुद नंगी होकर उनको अपना तमाशा दिखाना था।
    इस पहले अपने घर परिवार में मैंने अपनी कुछ महिला रिश्तेदारों के सामने तो कपड़े बदले थे, मगर कभी किसी पुरुष के सामने बिल्कुल नंगी नहीं हुई थी।

    खैर अब इस से भागा तो नहीं जा सकता था, मैंने अपनी साड़ी का पल्लू हटाया।
    एक साहब बोले- वाह, क्या चूचियाँ हैं!
    तभी एक और बोले- अरे भोंसड़ी के, चूचियाँ नहीं हैं, बोबे हैं बोबे, साइज़ तो देख!
    दोनों शायद अच्छे दोस्त थे तो दोनों हंस पड़े।

    फिर मैंने अपनी साड़ी की चुन्नटें खोली और साड़ी उतार के साइड पे रखने लगी तो किसी ने कहा- ऐसे नहीं, रखो मत हवा में उड़ा दो ताकि हम लूट सकें!
    मैंने अपनी साड़ी हवा में उछाल दी तो सब मर्दों ने ऐसे मेरी साड़ी को पकड़ा जैसे किसी कैबरे डांसर के उतारे हुये कपड़ों को पकड़ते हैं।
    फिर मैंने एक एक करके अपने ब्लाउज़ के बटन खोले और अपना ब्लाउज़ उतार कर वैसे ही हवा में उछाल दिया, बहुत से मर्दों के मूंह से 'हाय.; निकला।
    फिर पेटीकोट का हुक खोला तो पेटीकोट नीचे गिर गया।

    'अब एक मिनट रुको!' एक शख्स ने कहा- आओ भाई ज़रा छू कर तो देखें!
    कह कर वो मेरे पास आए तो और बाकी मर्द मेरे करीब आ गए, कोई मेरी पिंडलियों को सहला रहा था, कोई घुटनों को, को मेरी जांघों को, फिर सहलाते सहलाते चूमने और चाटने भी लगे।
    मेरी बाज़ू, कमर, पेट, पीठ सब जगह उन सब मर्दों ने चूम चाट कर देखा, और उनके इस अति सेक्सी हरकत से ही मेरी चूत तो पानी पानी हो गई।

    बंसल साहब ने मेरी गीली पेंटी को उंगली से छू कर कहा- लो भाई मैडम तो पानी छोड़ गई!
    सब हंस पड़े।
    देखने वाली बात यह भी थी, मेरे सिवा वहाँ 4 औरतें भी थी, मगर सब अपना मस्त थी, किसी को यह चिंता नहीं थी कि उनके पति क्या कर रहें हैं, बल्कि मुझे देख देख कर मज़े ले रही थी, क्योंकि ये सब एक खेल था।

    फिर सब मर्द उठे और उन्होंने भी अपने अपने कपड़े उतारने शुरू कर दिये और 2 मिनट में ही सब के सब नंगे हो गए और मेरे आस पास चिपक कर खड़े हो गए।
    किसी का लंड मेरे चूतड़ से लग रहा था, किसी का मेरी चूत पे, किसी का पेट पे, किसी पीठ पे, मैं हर तरफ से तने हुये लंडों के बीच घिर गई थी।

    सब के हाथ मेरे बदन पर यहाँ वहाँ घूम रहे थे, मुझे नहीं पता चला कि किसने मेरी ब्रा की हुक खोली, किसने ब्रा उतार कर फेंक दी, किसने पेंटी उतारी।
    एक साथ सब मुझे चूसने लगे, कोई होंठ चूस रहा था, कोई गाल, कोई मेरे स्तन चूस रहा था, एक कोई चूत और कोई गान्ड, जिसको कुछ नहीं मिला वो जहाँ जगह मिली वहीं चाटने लगा।

    वे लोग मुझे अपनी अपनी जीभ से चाट रहे थे, अब तो मेरे बदन पे कोई ऐसा रोम भी नहीं रह गया था, जिसे किसी ने न चाटा हो।मेरी तो बुरी हालत थी, इतना रोमांच, इतनी गुदगुदी।
    उन सबके चाटने से मेरी तो चूत पानी पानी हुई पड़ी थी, हर थोड़ी से देर बाद कोई न कोई अपनी जगह बदल लेता, मेरे दोनों हाथों में बदल बदल के लोग अपना अपना लंड पकड़ा रहे थे।

    अब इतना जोश मैं बर्दाश्त नहीं कर पा रही थी और मैं झड़ गई 'इतनी चटाई, इतनी चुसाई, हे भगवान, मेरे बस की बाहर की बात थी।'
    जब मेरा पानी छुट गया तो मैं तो निढाल हो कर कार्पेट पे ही गिर गई।
    कितने कमीने होते हैं मर्द, कैसे खा जाते हैं औरत को!

    जब उनकी अपनी पत्नियाँ भी वहाँ थी, पर सब के सब मुझ पर ही टूटे पड़े थे।
    मैं जब गिर पड़ी तो धीरे धीरे सब मुझे वहीं छोड़ कर ड्रिंक्स की तरफ चले गए।

    राज मेरे पास आए- कैसा लग रहा है, कोई तकलीफ तो नहीं?
    मैंने कहा- तकलीफ, इतना मज़ा तो मैंने आज तक कभी सपने में भी नहीं सोचा था। आज तो जैसे मेरे जान ही निकल जाती।

    तभी एक औरत आई और राज को बुला कर ले गई।
    प्रधान साहब बोले- चलो भाई, अब आगे की कारवाई भी शुरू करो।
    राज के सिवा बाकी सब मर्द फिर मेरे आस पास आ गए, 4 तने हुये लंड, अलग अलग तरह के मेरे आस पास थे।
    आज तो जैसे लंडों की बरसात हो गई हो मुझ पर!

    'बताइये मैडम, अपनी पसंद के मर्द पसंद कीजिये और उनसे अपनी शाम को रंगीन कीजिये।'
    मैंने अपने हिसाब से एक मोटा सा, एक लंबा सा लंड पसंद किया, दो लोग जो पहले से ही मुझे अपना पार्टनर बनाना चाहते थे, वो भी आ गए, मतलब आज मुझे 4 लोग चोदेंगे।

    उसके बाद मर्द बड़ा सा गोल घेरा बना कर बैठ गए, प्रधान साहब बोले- देखो सीमा, सबसे पहले तुम्हें इन सब मर्दो के लंड चूसने होंगे, थोड़े थोड़े, से उस दौरान ये सब तुम्हारे बदन को सहलायेंगे, जब सभी का चूस चुकी होगी, तब तुम्हारी पसंद के 4 मर्द तुम्हारा भोग लगायेंगे, मगर जैसे तुम चाहो, वैसे! ठीक है?

    मैं उठ कर बैठ गई, सबसे पहले जो मेरे सबसे नजदीक पुरुष था मैंने उसका लंड पकड़ा और अपने मुंह में लिया और धीरे धीरे से चूसने लगी।
    'उफ़्फ़ मेरी जान.' कहते हुये उस आदमी ने मेरे नंगे बदन पर अपने हाथ घुमाने शुरू किए- क्या मखमली बदन है तेरा साली, तुझे तो मैं कच्चा चबा जाऊँ!
    कहते हुये उसने मेरे दोनों स्तन दबाए, मेरे निप्पल मसले, मेरे चूतड़ों को दबा कर सहला के देखा।
    मेरी पीठ को सहलाया और जहाँ जहाँ भी मेरे बदन पे वो हाथ फेर सकता था, उसने फेरा।
    फिर मैं उसका लंड छोड़ कर दूसरे का लंड चूसने के लिए आगे बढ़ गई।

    इसी तरह मैंने अपने पति समेत सभी 5 मर्दों के लंड चूसे और उन्होने मेरे बदन को सहलाते हुये, मुझे न जाने क्या क्या कहा. मतलब मुझे पूरी रंडी बना दिया।
    एक दो ने बीच बीच में मुझे मादरचोद बहनचोद की गाली भी दी, मगर मैं उनकी गालियों को नज़र अंदाज़ कर गई।

    उसके बाद तो बाकी औरतें भी बीच में आ गई, हर तरफ आहें, चीखें, सिसकारियों का दौर चल पड़ा।
    4 मर्द मेरे भी आस पास थे, कोई मेरी चूत मार रहा था, कोई मुंह में दे रहा था, 2 के मैं हाथ में पकड़ के बैठी थी।
    जिस तरफ देखो चोदा चादी चल रही थी।

    अब इतने गरम माहौल में कोई कितनी देर बर्दाश्त कर सकता है।
    बारी बारी उन चारों मर्दों ने मुझे चोदा और मैं 4 बार और झड़ी।

    आखरी चुदाई के बाद तो मेरी हालत खराब थी। सच में चूत तो जैसे अंदर तक खोखली हो गई थी, और चारों मर्दों ने मेरे मुँह में अपना वीर्य छुड़वाया।
    मुझे पीना पड़ा, जिस वजह से सारा मुँह का स्वाद खारा खारा सा हो रहा था।

    मैंने अपने पति से कह कर कुछ पीने को मंगवाया, उन्होंने फ्रूटी में एक पेग बेकार्डी का डाल के दिया।
    सच में पीते ही मेरे तो कानों में से सेंक निकल गया, इतनी गर्मी आई कि पूछो मत!

    जब सब मर्द औरत फ्री हो गए, तो उसके बाद खाना शुरू हो गया।
    खाना खाने के बाद पति ने पूछा- अब क्या प्रोग्राम है, रुकना है या चलना है?
    मैंने आस पास खड़े एक दो और मर्दों के लंडो को देखा और बोली- अभी नहीं, अभी तो मुझे कम से कम दो शॉट और लगाने हैं।
    कह कर मैं अपने पति को वहीं खड़ा छोड़ कर उन मर्दों के पास गई और बोली- हैलो बोयज, क्या आप जाना पसंद करोगे, या मेरे साथ एक एक गेम और खेलना चाहोगे?

    loading...

    मेरी बात सुन कर दोनों मर्दों के चेहरे खिल उठे।
    मैं आपके ई मेल का इंतज़ार कर रही हूँ।

    नीचे डिसकस कमेंट्स में भी आप अपने विचार जरूर प्रकट कीजिये।

    और भी मजेदार और हॉट एंड सेक्सीकी अपडेट पाने के लिए हमेंपर LIKE करे।

    </h6> <h6>

    नीचे दिए बटन को क्लिक करके इस पोस्ट को मित्रों में शेयर करें..

    दोस्तों से शेयर करे.. Share This..loading...
     
  2. 007

    007 Administrator Staff Member

    Joined:
    Aug 28, 2013
    Messages:
    138,639
    Likes Received:
    2,204
    //krot-group.ru मैं रोमांचित भी बहुत थी, 7 लोग मेरे आस पास बैठे मेरे नंगी होने का तमाशा देख रहे थे, और देखने वाली बात यह कि मुझे खुद नंगी होकर उनको अपना तमाशा दिखाना था।

    यह कहानी निम्न शृंखला का एक भाग है:



    हैलो दोस्तो, इस पहले इसी कहानी के दो भागों को पाठकों ने बहुत पसंद किया और मिस्टर राज गर्ग ने मुझे इसका एक और भाग लिखने को कहा। मैंने इस बार उनकी बजाए उनकी पत्नी का नज़रिया आपके सामने रखने की कोशिश की है। उम्मीद है आपको पसंद आएगी। Desi Chudai Kahani, Free Hindi Audio Sex Stories, Gujarati sex story, Hindi Font Sex Stories, Hindi sex kahaniya, Hindi Sex Stories,Hindi Sex Story, Indian Hindi sex stories, Indian Sex Stories,Lesbian Sex, wife swapping, अंग प्रदर्शन, गैर मर्द, चुदास, दोस्त की बीवी,नंगा बदन, बीवी की अदला बदली, वाइफ़ स्वैपिंग

    हैलो दोस्तो, मेरा नाम सीमा है, मैं तीस साल की एक शादीशुदा औरत हूँ।
    मैं और मेरे पति शुरू से बहुत खुले विचारों वाले रहे हैं। इसी लिए जब उन्होंने मेरे सामने एक वाइफ़ स्वपेर्स क्लब जॉइन करने की बात रखी तो मैं भी मान गई।
    पहली क्लब मीटिंग में क्या हुआ, कैसे हमारा परिचय हुआ, यह तो आप पढ़ ही चुके हैं, अब मैं आपको सुनाती हूँ दूसरी मीटिंग में क्या हुआ। खास तौर पे मेरे साथ क्या क्या हुआ, वो सुनिए।

    loading...

    क्लब की दूसरी मीटिंग हुई।
    अब क्योंकि क्लब की कार्यविधि मुझे समझ में आ गई थी तो मैं इस बार खास तैयारी से गई।
    मीटिंग में जाने से पहले मैंने अपनी पूरी बॉडी को वेक्स करवाया, ताकि मेरे जिस्म पे एक भी बाल न रहे, बड़ी अच्छी तरह से अपने नीचे के बाल भी साफ किए, चेहरे का फुल फेशियल, हाथ पाँव की मेनिक्योर पेडिक्योर, फुल मेकअप, जैसे किसी शादी में जाना हो, ऐसी तैयारी करके गई।

    जब घर से निकलने लगे तो गाड़ी में बैठते हुये राज बोले- लगता है आज की पार्टी तो तुम ही लूट ले जाओगी।
    'अजी रहने दो, पिछली पार्टी में तो आपने मुझे देखा भी नहीं, किसी और के साथ ही लगे रहे!' मैंने थोड़ा सा शर्मा के कहा।
    'अच्छा तभी इस बार तैयारी इतनी जोरदार है कि पार्टी के सभी मर्द सिर्फ सरकार को ही देखें, और किसी को नहीं?' राज ने एक और जुमला कहा।

    इसी तरह हँसते हँसाते हम पार्टी के लिए निर्धारित स्थान पर पहुंचे।
    यह पार्टी बंसल जी ने एक लाउन्ज में रखी थी।
    खाने पीने का सब सामान आ चुका था, सिर्फ ग्रुप के मेम्बर ही अंदर थे और बाहर का कोई भी आदमी नहीं था।
    सबसे पहले सबने अपने अपने मोबाइल फोन निकाल के एक जगह रख दिये, उसके बाद सब अपने अपने हिसाब से बैठ गए।
    अब अपनी ही पार्टी थी तो सब खुद ही एक दूसरे को ड्रिंक्स और खाने का समान सर्व कर रहे थे।

    मैं अपने पति और दो और मर्दों के साथ खड़ी बातें कर रही थी।
    तभी एक साहब आए, मेरे पति से हाथ मिलाया और बोले- हैलो सर, क्या हाल चाल हैं आपके?
    मेरे पति ने भी उनसे हाथ मिलाया और अपना हाल चाल बताया।

    वो साहब फिर बोले- मिस्टर राज, अगर आप बुरा न मानें तो क्या आज मैं आपकी पत्नी को अपनी पार्टनर बना सकता हूँ?
    राज ने मेरी तरफ देखा और मैंने राज की तरफ!

    अभी हमने कुछ कहा भी नहीं कि तभी मेरे पास खड़े एक सज्जन ने मेरी कमर में हाथ डाला और बोले- अरे नहीं यार, आज तो ये मेरी पार्टनर बनेंगी।
    जिन्होंने मेरी कमर में अपना हाथ डाल रखा था, साड़ी की साइड में से मेरे नंगे पेट पे हाथ फिरा के बोले- तो क्यों न आज हम सब मैडम को अपना पार्टनर बना ले और हम सब की मैडमज़ इनके साहब को अपना पार्टनर बना लें, एक तरफ 4 मर्द और एक औरत और दूसरी तरफ 4 औरतें और एक मर्द. क्या ख्याल है?

    मैं तो सुन कर ही घबरा गई कि अगर ये सब मुझे चोदने लगे तो मेरा तो बैंड बजा देंगे।
    मेरे चेहरे की परेशानी देख कर क्लब के प्रधान साहब बोले- अरे नहीं यार, लड़की का भी सोचो, ऐसे करते हैं कि खेलेंगे सब इसके साथ मगर सेक्स जिसके मर्ज़ी साथ करो, सारे के सारे मर्द इस बेचारी की मारने लगे तो इसकी तो माँ चुद जाएगी।

    प्रधान साहब की बात सुन कर सब हंस पड़े, पहली बार मुझे किसी का गाली देना बुरा नहीं लगा और मुझे उनकी गाली में भी अपने लिए संरक्षण नज़र आया।
    फिर प्रधान साहब ने मुझसे पूछा- सीमा, तुम खुद बताओ, एक बार में तुम कितने मर्दों से चुदवा सकती हो?

    मेरे तो रोम रोम खड़े हो गए, बड़ी मुश्किल से बोली- दो या तीन.?!?
    'तो ठीक है बस.' प्रधान साहब बोले- सेक्स सिर्फ कोई 3 लोग ही करेंगे, बाकी लोग कुछ और कर लेंगे।
    'कुछ और?' मैंने कहा, मुझे डर लगा कि कहीं मेरी गांड न मारने लगें।

    प्रधान साहब ने मेरी ठुड्डी को पकड़ा और बोले- घबराओ मत, कुछ और क्या है, जल्द ही जान जाओगी, मगर कुछ भी ऐसा नहीं होगा, जिस से तुम्हें कोई तकलीफ हो या फिर तुम्हें पसंद नहीं आए।

    ड्रिंक्स का दौर तो चल ही रहा था, और करीब करीब सबने पी, किसी ने थोड़ी किसी ने ज़्यादा। मगर मैंने देखा कि मर्द मेरे ही आस पास मंडरा रहे थे, मैं नई जो थी, मुझे डर भी लगा के आज तो पक्का ये सब चोद चोद के मेरी चूत को छील देंगे।

    फिर प्रधान साहब बोले- लेडीज एंड जेंटल्मन, प्लीज़ अपने अपने पार्टनर चुनिये और मज़े कीजिये, यहाँ से पार्टी नग्न होती है।
    उनकी बात सुन कर सब अपने अपने कपड़े उतारने लगे, मैंने भी अपनी साड़ी के कंधे से ब्रोच खोला, तो एक साहब बोले- अरे ऐसे नहीं, प्लीज़ रुकिए, जेंटलमन, कैसा लगे अगर हम सब बैठ कर देखें और ये मैडम अपने कपड़े उतार कर हमें दिखाएँ?

    सबने ताली बजा कर समर्थन किया, सब मर्द औरत अपने कपड़े उतारने छोड़ कर मेरे आस पास आ कर नीचे कार्पेट पे ही बैठ गए, और मैं सब के बीच खड़ी थी।
    'चलिये मैडम अब शुरू कीजिये!'

    सच में मुझे बड़ी शर्म आई, मगर मैं रोमांचित भी बहुत थी, 7 लोग मेरे आस पास बैठे मेरे नंगी होने का तमाशा देख रहे थे, और देखने वाली बात यह कि मुझे खुद नंगी होकर उनको अपना तमाशा दिखाना था।
    इस पहले अपने घर परिवार में मैंने अपनी कुछ महिला रिश्तेदारों के सामने तो कपड़े बदले थे, मगर कभी किसी पुरुष के सामने बिल्कुल नंगी नहीं हुई थी।

    खैर अब इस से भागा तो नहीं जा सकता था, मैंने अपनी साड़ी का पल्लू हटाया।
    एक साहब बोले- वाह, क्या चूचियाँ हैं!
    तभी एक और बोले- अरे भोंसड़ी के, चूचियाँ नहीं हैं, बोबे हैं बोबे, साइज़ तो देख!
    दोनों शायद अच्छे दोस्त थे तो दोनों हंस पड़े।

    फिर मैंने अपनी साड़ी की चुन्नटें खोली और साड़ी उतार के साइड पे रखने लगी तो किसी ने कहा- ऐसे नहीं, रखो मत हवा में उड़ा दो ताकि हम लूट सकें!
    मैंने अपनी साड़ी हवा में उछाल दी तो सब मर्दों ने ऐसे मेरी साड़ी को पकड़ा जैसे किसी कैबरे डांसर के उतारे हुये कपड़ों को पकड़ते हैं।
    फिर मैंने एक एक करके अपने ब्लाउज़ के बटन खोले और अपना ब्लाउज़ उतार कर वैसे ही हवा में उछाल दिया, बहुत से मर्दों के मूंह से 'हाय.; निकला।
    फिर पेटीकोट का हुक खोला तो पेटीकोट नीचे गिर गया।

    'अब एक मिनट रुको!' एक शख्स ने कहा- आओ भाई ज़रा छू कर तो देखें!
    कह कर वो मेरे पास आए तो और बाकी मर्द मेरे करीब आ गए, कोई मेरी पिंडलियों को सहला रहा था, कोई घुटनों को, को मेरी जांघों को, फिर सहलाते सहलाते चूमने और चाटने भी लगे।
    मेरी बाज़ू, कमर, पेट, पीठ सब जगह उन सब मर्दों ने चूम चाट कर देखा, और उनके इस अति सेक्सी हरकत से ही मेरी चूत तो पानी पानी हो गई।

    बंसल साहब ने मेरी गीली पेंटी को उंगली से छू कर कहा- लो भाई मैडम तो पानी छोड़ गई!
    सब हंस पड़े।
    देखने वाली बात यह भी थी, मेरे सिवा वहाँ 4 औरतें भी थी, मगर सब अपना मस्त थी, किसी को यह चिंता नहीं थी कि उनके पति क्या कर रहें हैं, बल्कि मुझे देख देख कर मज़े ले रही थी, क्योंकि ये सब एक खेल था।

    फिर सब मर्द उठे और उन्होंने भी अपने अपने कपड़े उतारने शुरू कर दिये और 2 मिनट में ही सब के सब नंगे हो गए और मेरे आस पास चिपक कर खड़े हो गए।
    किसी का लंड मेरे चूतड़ से लग रहा था, किसी का मेरी चूत पे, किसी का पेट पे, किसी पीठ पे, मैं हर तरफ से तने हुये लंडों के बीच घिर गई थी।

    सब के हाथ मेरे बदन पर यहाँ वहाँ घूम रहे थे, मुझे नहीं पता चला कि किसने मेरी ब्रा की हुक खोली, किसने ब्रा उतार कर फेंक दी, किसने पेंटी उतारी।
    एक साथ सब मुझे चूसने लगे, कोई होंठ चूस रहा था, कोई गाल, कोई मेरे स्तन चूस रहा था, एक कोई चूत और कोई गान्ड, जिसको कुछ नहीं मिला वो जहाँ जगह मिली वहीं चाटने लगा।

    वे लोग मुझे अपनी अपनी जीभ से चाट रहे थे, अब तो मेरे बदन पे कोई ऐसा रोम भी नहीं रह गया था, जिसे किसी ने न चाटा हो।मेरी तो बुरी हालत थी, इतना रोमांच, इतनी गुदगुदी।
    उन सबके चाटने से मेरी तो चूत पानी पानी हुई पड़ी थी, हर थोड़ी से देर बाद कोई न कोई अपनी जगह बदल लेता, मेरे दोनों हाथों में बदल बदल के लोग अपना अपना लंड पकड़ा रहे थे।

    अब इतना जोश मैं बर्दाश्त नहीं कर पा रही थी और मैं झड़ गई 'इतनी चटाई, इतनी चुसाई, हे भगवान, मेरे बस की बाहर की बात थी।'
    जब मेरा पानी छुट गया तो मैं तो निढाल हो कर कार्पेट पे ही गिर गई।
    कितने कमीने होते हैं मर्द, कैसे खा जाते हैं औरत को!

    जब उनकी अपनी पत्नियाँ भी वहाँ थी, पर सब के सब मुझ पर ही टूटे पड़े थे।
    मैं जब गिर पड़ी तो धीरे धीरे सब मुझे वहीं छोड़ कर ड्रिंक्स की तरफ चले गए।

    राज मेरे पास आए- कैसा लग रहा है, कोई तकलीफ तो नहीं?
    मैंने कहा- तकलीफ, इतना मज़ा तो मैंने आज तक कभी सपने में भी नहीं सोचा था। आज तो जैसे मेरे जान ही निकल जाती।

    तभी एक औरत आई और राज को बुला कर ले गई।
    प्रधान साहब बोले- चलो भाई, अब आगे की कारवाई भी शुरू करो।
    राज के सिवा बाकी सब मर्द फिर मेरे आस पास आ गए, 4 तने हुये लंड, अलग अलग तरह के मेरे आस पास थे।
    आज तो जैसे लंडों की बरसात हो गई हो मुझ पर!

    'बताइये मैडम, अपनी पसंद के मर्द पसंद कीजिये और उनसे अपनी शाम को रंगीन कीजिये।'
    मैंने अपने हिसाब से एक मोटा सा, एक लंबा सा लंड पसंद किया, दो लोग जो पहले से ही मुझे अपना पार्टनर बनाना चाहते थे, वो भी आ गए, मतलब आज मुझे 4 लोग चोदेंगे।

    उसके बाद मर्द बड़ा सा गोल घेरा बना कर बैठ गए, प्रधान साहब बोले- देखो सीमा, सबसे पहले तुम्हें इन सब मर्दो के लंड चूसने होंगे, थोड़े थोड़े, से उस दौरान ये सब तुम्हारे बदन को सहलायेंगे, जब सभी का चूस चुकी होगी, तब तुम्हारी पसंद के 4 मर्द तुम्हारा भोग लगायेंगे, मगर जैसे तुम चाहो, वैसे! ठीक है?

    मैं उठ कर बैठ गई, सबसे पहले जो मेरे सबसे नजदीक पुरुष था मैंने उसका लंड पकड़ा और अपने मुंह में लिया और धीरे धीरे से चूसने लगी।
    'उफ़्फ़ मेरी जान.' कहते हुये उस आदमी ने मेरे नंगे बदन पर अपने हाथ घुमाने शुरू किए- क्या मखमली बदन है तेरा साली, तुझे तो मैं कच्चा चबा जाऊँ!
    कहते हुये उसने मेरे दोनों स्तन दबाए, मेरे निप्पल मसले, मेरे चूतड़ों को दबा कर सहला के देखा।
    मेरी पीठ को सहलाया और जहाँ जहाँ भी मेरे बदन पे वो हाथ फेर सकता था, उसने फेरा।
    फिर मैं उसका लंड छोड़ कर दूसरे का लंड चूसने के लिए आगे बढ़ गई।

    इसी तरह मैंने अपने पति समेत सभी 5 मर्दों के लंड चूसे और उन्होने मेरे बदन को सहलाते हुये, मुझे न जाने क्या क्या कहा. मतलब मुझे पूरी रंडी बना दिया।
    एक दो ने बीच बीच में मुझे मादरचोद बहनचोद की गाली भी दी, मगर मैं उनकी गालियों को नज़र अंदाज़ कर गई।

    उसके बाद तो बाकी औरतें भी बीच में आ गई, हर तरफ आहें, चीखें, सिसकारियों का दौर चल पड़ा।
    4 मर्द मेरे भी आस पास थे, कोई मेरी चूत मार रहा था, कोई मुंह में दे रहा था, 2 के मैं हाथ में पकड़ के बैठी थी।
    जिस तरफ देखो चोदा चादी चल रही थी।

    अब इतने गरम माहौल में कोई कितनी देर बर्दाश्त कर सकता है।
    बारी बारी उन चारों मर्दों ने मुझे चोदा और मैं 4 बार और झड़ी।

    loading...

    आखरी चुदाई के बाद तो मेरी हालत खराब थी। सच में चूत तो जैसे अंदर तक खोखली हो गई थी, और चारों मर्दों ने मेरे मुँह में अपना वीर्य छुड़वाया।
    मुझे पीना पड़ा, जिस वजह से सारा मुँह का स्वाद खारा खारा सा हो रहा था।

    मैंने अपने पति से कह कर कुछ पीने को मंगवाया, उन्होंने फ्रूटी में एक पेग बेकार्डी का डाल के दिया।
    सच में पीते ही मेरे तो कानों में से सेंक निकल गया, इतनी गर्मी आई कि पूछो मत!

    जब सब मर्द औरत फ्री हो गए, तो उसके बाद खाना शुरू हो गया।
    खाना खाने के बाद पति ने पूछा- अब क्या प्रोग्राम है, रुकना है या चलना है?
    मैंने आस पास खड़े एक दो और मर्दों के लंडो को देखा और बोली- अभी नहीं, अभी तो मुझे कम से कम दो शॉट और लगाने हैं।
    कह कर मैं अपने पति को वहीं खड़ा छोड़ कर उन मर्दों के पास गई और बोली- हैलो बोयज, क्या आप जाना पसंद करोगे, या मेरे साथ एक एक गेम और खेलना चाहोगे?

    मेरी बात सुन कर दोनों मर्दों के चेहरे खिल उठे।
    मैं आपके ई मेल का इंतज़ार कर रही हूँ।

    नीचे डिसकस कमेंट्स में भी आप अपने विचार जरूर प्रकट कीजिये।

    और भी मजेदार और हॉट एंड सेक्सीकी अपडेट पाने के लिए हमेंपर LIKE करे।

    </h6> <h6>

    नीचे दिए बटन को क्लिक करके इस पोस्ट को मित्रों में शेयर करें..

    loading...
     
Loading...

Share This Page



Hot sex golpo.ohh UHH AHH FUCK ME OHH UHH  Hindi prosansex  বাংলা চটি থকথকে বীর্যে ভরে দিলাম  মায়ের ইচ্ছার বিরুদ্ধে চুদাচুদি  കൊച്ചുപുസ്തകം sex  ২ জনকে একসাথে চুদা চটি গল্প  মাকে চুদে খুড়া করা চটি  சுண்னி  চটি বড় বাজার  আমার বউয়ের অডিশন  Chut me khugle chudai kahane  சித்தப்பா காம விளையாட்டு  রেন্ডি বৌদি চোদার গল্প  www.அம்மா சூத்தில் சுன்னியை தேய்த்த மகன் காமகதை  ব্লাউজ চটি  মা নানী এক সাথে চোদা  കൂതിയിലെ തീട്ടം  মাকে দিয়ে টাকা ইনকাম চটি  আমি চুদিব  khatarnak sex karte pakda hindi sex story  जोरदार झवाझवि कथा  ಡೊಡ್ಡಮ್ಮ ಜೊತೆ ದೆಂಗಾಟ  বাংলা চটি চুদা চুদি আপু আর আমি এক বিছানা  ean manaivi sruthi tamil kama kathaigal.com  ছোট মেয়ে ঘষে চটি চুদা  চোদা খাওয়া গল্প  apni maa ki cut dekha batrom maa hindi kahnia  নতুন কচি মামীর সাথে চুদাচুদি চটি গলপো  /threads/%E0%AE%AA%E0%AE%BE%E0%AE%B0%E0%AF%8D%E0%AE%B5%E0%AE%A4%E0%AE%BF-%E0%AE%9F%E0%AF%80%E0%AE%9A%E0%AF%8D%E0%AE%9A%E0%AE%B0%E0%AE%BF%E0%AE%A9%E0%AF%8D-%E0%AE%AA%E0%AE%B2%E0%AE%BE%E0%AE%A9-%E0%AE%95%E0%AE%A4%E0%AF%88%E0%AE%95%E0%AE%B3%E0%AF%8D.149787/  নাসের চটি  চোদার খিস্তি  চুদ আমায ভিতরে মাল ফেল চডি  মামা শশুরের কাছে চুদা খাওয়ার গল্প  Nanban manaivi abenaya tamil sex storie  kannada sex sory tammanind hattisikondiddu  কোটি প্রতির বউ কে চুদা.চটি  रात्रीची झवाझवी कथा  XXX এর গল্প ঝাপসা  ಮೊಲೆಹಾಲುಬೇಕುಎಂದ ಅವನು  Ma Amy Gusol Korai Dilo Choti  মা বোনকে পুকুরে একসাথে চুদা  আমার পোদ পর্ব-১  বাংলা সামী বউ xxxcom  മീരാ ജാസ്മിന്‍ കമ്പി  চুদা গল্র ঘুমের মাঝে  X সেক্সি যৌনির গল্প  tamil kama Thodar kathikal  থাপর দিয়ে চোদা চটি  ಮೂಲೀ ತುಲು   খানকি কাকি কে চুদা  குண்டியில் ஒத்த கதை  ধারাবিহিক চুদাচুদির গল্প  Hujur and catri coti golpo  ভাগিনা মামিকে চুদার গল্প  চটি ঘুমের মেয়েকে ভুলে চোদা  কাকিমা দুধু দাও  ছোটবেলায় নুনু  মোটা মেয়েকে চুদলাম চটি  என் கணவனின் சம்மதத்துடன் என்னை கர்ப்பம் ஆக்கிய  Malayalam kambi kathakal അപ്പൂ അനുഭവിച്ചറിഞ്ഞ ജീവിതം  என் பொண்டாட்டி பெண்மை இல்லாதவ sex story  চটি গল্প বোনকে বেশ্যা বানায়ে চুদাচুদি  নিকাবি চোদা  বড় আপুর পাছা চুদা  marathi sex katha eka baichi gand marli.com  Patti paiyan udaluravu kathaigal  Barasha rati re bhauja ku gehili gapa  ఒకరకమైన బలాత్కారం సెక్స్ స్టొరీ 2021  www.বাংলা চোদাচুদি চটি.com  পুষ্পর চূদাচুদির গল্প  লোভে চোদা খাওয়া  খানকি মা ফেমডম চটি  অন্য কোনো চদাচুদি আছে  একা পেয়ে আন্টিকে ও তার মেয়েকে চুদলাম  Sex.story.kannda.anna.thangi  Dada ji ka land meyre chut me ki kahani  srilankan lusty girl fucking  tamilmalathiteacherkadaikal  গুদ চুষলে  হুজুর সাথে চোদাচুদি  முடங்கிய கணவருடன் சுவாதியின் வாழ்க்கை பாகம் 1  মাকে ডাক্তারের কাছে নিয়ে চুদা  बुर चोद कहानी  /threads/best-choti-golpo-%E0%A6%97%E0%A7%81%E0%A6%A6%E0%A6%9F%E0%A6%BE-%E0%A6%AB%E0%A6%BE%E0%A6%81%E0%A6%95-%E0%A6%95%E0%A6%B0%E0%A7%87-%E0%A6%A7%E0%A6%B0%E0%A7%87-%E0%A6%97%E0%A7%81%E0%A6%A6%E0%A7%87%E0%A6%B0-%E0%A6%95%E0%A7%8B%E0%A6%9F%E0%A6%9F%E0%A6%BE-%E0%A6%9A%E0%A7%81%E0%A6%B7%E0%A6%A4%E0%A7%87-%E0%A6%B2%E0%A6%BE%E0%A6%97%E0%A6%B2%E0%A6%BE%E0%A6%AE.167105/  মোটা মাগীকে চোদার কাহিনী  হিন্দু বৌ চটি  বাংলা চটি মা ও তার বস  বউ জামাই চোদাচূদি গলপ  বাড়ির বৌ বাংলা চটি